Home Blog जनसमस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें: कलेक्टर

जनसमस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें: कलेक्टर

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Ensure Timely and Quality Resolution of Public Grievances: Collector

सुशासन तिहार की तैयारियों को लेकर गहन समीक्षा, गांवों के क्लस्टर बनाने के निर्देश

Ro.No - 13759/40

महतारी वंदन योजना, जल संकट समाधान और लंबित प्रकरणों पर सख्त रुख

रायगढ़, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित समय-सीमा की बैठक में जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन, जनसमस्या निवारण शिविर, पीजीएन एवं पीजी पोर्टल में दर्ज सभी प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आगामी 1 मई से 10 जून तक आयोजित होने वाले प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों के सुचारू संचालन के लिए 10 से 15 गांवों के क्लस्टर बनाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

कलेक्टर ने राज्य शासन की प्राथमिकता वाली महतारी वंदन योजना की ईकेवाईसी की प्रगति की भी गहन समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 2 लाख 81 हजार 135 लाभार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से 1 लाख 24 हजार 449 हितग्राहियों के बैंक खातों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। कलेक्टर ने शेष हितग्राहियों का ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे।

जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई हितग्राहियों के एक से अधिक बैंक खाते होने के कारण राशि प्राप्ति में भ्रम की स्थिति बन रही है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हितग्राहियों को आधार-सीडेड खातों की जानकारी स्पष्ट रूप से दी जाए, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए कलेक्टर ने जिले में पेयजल संकट के स्थायी समाधान हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपद सीईओ से ग्रामवार शासकीय जल स्रोतों, हैंडपंप एवं कुओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही पीएचई विभाग को निर्देशित किया कि हैंडपंप तकनीशियनों के संपर्क नंबर जनपद स्तर एवं स्वयं के पास उपलब्ध रखें, ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके।

कलेक्टर ने जिले में संचालित पेट्रोल पंपों पर पेयजल एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला खाद्य विभाग को दिए। साथ ही अधिकारियों को फील्ड भ्रमण के दौरान इन व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने को कहा।

बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिक लंबित मामलों वाले विभागों पर नाराजगी व्यक्त की और शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने अधोसंरचना विकास से जुड़े प्रस्तावों, विशेषकर सड़क निर्माण एवं मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया। कलेक्टर ने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक एवं प्रभावी समाधान प्रस्तुत किए जाएं।

निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सभी निर्माण विभागों को कार्यस्थलों पर पेयजल, ओआरएस पैकेट, छाया एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जल संचय एवं जनभागीदारी पोर्टल, ईएसआईसी अस्पताल की सुविधाएं, औद्योगिक श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), बंदियों को विधिक सहायता, भू-अभिलेख अद्यतन, एफआरए नामांतरण, पीएम गतिशक्ति योजना, आयुष्मान कार्ड, आंगनबाड़ी पंजीयन, बालिका शौचालय निर्माण, जल जीवन मिशन, पीएम किसान सत्यापन, ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, ई-ऑफिस ऑनबोर्डिंग एवं मोबाइल टावर स्थापना सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित सभी एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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