80 विषय विशेषज्ञों को दिया गया प्रशिक्षण, छात्रों और आमजन को मिलेगा डिजिटल वित्त का ज्ञान*
*कलेक्टर के निर्देशन में वित्तीय साक्षरता लैब हेतु दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न*
उत्तर बस्तर कांकेर28 अप्रैल 2026/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में कांकेर जिले में वित्तीय साक्षरता फाइनेंशियल लैब के सफल संचालन के उद्देश्य से 27 एवं 28 अप्रैल को दो दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं, विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाना और आधुनिक आर्थिक व्यवस्थाओं से जोड़ना है।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में जिले के चयनित 80 विषय विशेषज्ञों को प्रशिक्षण दिया गया, जो आगे चलकर जिलेभर में वित्तीय साक्षरता अभियान को गति देंगे। जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल आम नागरिकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।
*फाइनेंशियल लैब के साथ बनेगा वित्तीय पार्क*
कलेक्टर श्री क्षीरसागर की दूरदर्शी सोच के तहत वित्तीय साक्षरता लैब परिसर में वित्तीय पार्क तथा स्टार्टअप इंक्युबेशन सेंटर अर्थात नवाचार उद्यम संवर्धन केंद्र की स्थापना की जाएगी। यहां प्रारंभिक चरण में 10 स्टार्टअप शुरू करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इससे जिले के युवाओं को व्यवसाय, नवाचार और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य-
कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा, बैंकिंग सेवाओं का उपयोग और बचत की आदत विकसित करने जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।प्रमुख शिक्षण विषय
फाइनेंशियल लैब में प्रतिभागियों को बैंकिंग प्रणाली, जमा-निकासी, ऋण, एटीएम, यूपीआई, बीमा, निवेश, डिजिटल भुगतान, साइबर फ्रॉड से बचाव, आय-व्यय प्रबंधन, बचत, उद्यमिता और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी।
*आधुनिक सुविधाओं से युक्त लैब*
लैब में कंप्यूटर आधारित डिजिटल लर्निंग सिस्टम, ऑडियो-विजुअल सामग्री, इंटरएक्टिव कंटेंट, सिमुलेशन आधारित गेम्स तथा बैंकिंग, बीमा और ट्रेडिंग के मॉडल सेटअप उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रतिभागी व्यावहारिक रूप से सीख सकेंगे।
*गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति*
इस पहल में पारंपरिक पढ़ाई के बजाय Activity-Based Learning को अपनाया गया है। गेम्स, रोल-प्ले, समूह गतिविधियों और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों पर आधारित प्रशिक्षण से प्रतिभागियों को वित्तीय निर्णय लेने की समझ विकसित की जाएगी।
कौन होंगे लाभार्थी-इस योजना का लाभ स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी, ग्रामीण एवं शहरी नागरिक, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, बेरोजगार युवा तथा उद्यमिता में रुचि रखने वाले लोग उठा सकेंगे।
अपेक्षित परिणाम
इस महत्वाकांक्षी पहल से लोगों में डिजिटल भुगतान के प्रति आत्मविश्वास बढ़ेगा, साइबर ठगी से बचने की जागरूकता आएगी, बचत और निवेश की आदत विकसित होगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
विशेष महत्व-
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देती है। कांकेर जिले में यह मॉडल “सीखने से निर्णय लेने तक” की सोच को साकार करेगा।
जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल से कांकेर जिला वित्तीय रूप से जागरूक, आत्मनिर्भर और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।




