बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत जिले में निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता जांच के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. कटारे ने विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क निर्माण कार्यों में कई तकनीकी खामियां पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों को फटकार लगाते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण दल में अधीक्षण अभियंता मनोज रात्रे सहित विभागीय अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री, सड़क की मोटाई, सतह की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था तथा सुरक्षा मानकों की विस्तार से जांच की।
भोपालपटनम विकासखंड के उलूर-केरपे मार्ग के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर प्रमुख अभियंता ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित ठेकेदार अंकित गुप्ता को निर्देशित किया कि गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित किए बिना किसी भी प्रकार का भुगतान संभव नहीं होगा। सड़क किनारे खाईनुमा खुदाई कर अर्थवर्क किए जाने तथा मनमाने ढंग से पुलियों का निर्माण करने पर भी आपत्ति जताई गई। विभागीय निर्देशानुसार पुलियों का पुनर्निर्माण एवं कटाव की आशंका वाले हिस्सों में सुधार के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार पालनार-रेगड़गट्टा मार्ग तथा भैरमगढ़-बीजापुर मार्ग से बड़ेतुंगली तक चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। संबंधित ठेकेदारों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य करने तथा विभागीय तकनीकी अमले के साथ संयुक्त निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख अभियंता कटारे ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें क्षेत्रीय विकास की आधारशिला हैं और इनके माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलती है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाने तथा ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण अत्यंत आवश्यक है।



