बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर झारखंड राज्य में सक्रिय 8 इनामी माओवादी कैडरों ने बुधवार को बीजापुर में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण करने वालों में 5 महिला माओवादी भी शामिल हैं। सभी पर कुल 49 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सभी माओवादी लंबे समय से प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के विभिन्न पदों पर कार्यरत थे। इनमें दो डीवीसीएम, एक दक्षिण जोनल कमेटी एवं सरांडा सब जोनल कमेटी से जुड़े सदस्य, चार एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) तथा एक ईआरबी स्टॉप पार्टी सदस्य एवं सीसीएम ईआरबी सचिव का सुरक्षा गार्ड शामिल है।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव, संगठन की कमजोर होती स्थिति, हिंसक एवं जनविरोधी विचारधारा से मोहभंग, पूर्व माओवादियों के सफल पुनर्वास तथा आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर इन कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पण की प्रक्रिया झारखंड पुलिस एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से संपन्न हुई। सभी माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता एवं डीआईजी, सीआरपीएफ बी.एस. नेगी के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
पुलिस ने बताया कि शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित कैडरों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा, स्वरोजगार एवं रोजगार सहित अन्य पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन शुरू कर सकें।



