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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : उप अभियंता के प्रकरण में उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर ने जारी किया भारमुक्त आदेश

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशों के परिपालन में जनपद पंचायत गौरेला में पदस्थ उप अभियंता श्री विजेन्द्र बलभद्रे के प्रकरण में आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अक्टूबर 2024 में श्री विजेन्द्र बलभद्रे उप अभियंता जनपद पंचायत गौरेला का स्थानांतरण जनपद पंचायत कोटा जिला बिलासपुर किया गया था। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला अनुसूचित क्षेत्र में होने तथा उनके स्थान पर वैकल्पिक अधिकारी की उपलब्धता नहीं होने के कारण उन्हें तत्काल भारमुक्त नहीं किया गया था।
इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा शासन को आवश्यक पत्राचार भी किया गया था। इसके पश्चात विकास आयुक्त कार्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा अप्रैल 2026 में संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से भारमुक्त किए जाने के निर्देश जारी किए गए, जिसके आधार पर जिला पंचायत द्वारा 28 मई 2026 को उन्हें भारमुक्त कर दिया गया। उक्त आदेश के विरुद्ध श्री बलभद्रे द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका प्रस्तुत की गई।
उच्च न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर कलेक्टर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही नियमानुसार 15 दिवस के भीतर निर्णय लें। साथ ही, निर्णय होने तक 28 मई 2026 के आदेश के प्रभाव को स्थगित रखा गया। न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर द्वारा प्रकरण का परीक्षण किया गया। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया है कि जिले में उप अभियंताओं की वर्तमान में कमी तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तुत आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया। प्रकरण के सभी तथ्यों, शासन से प्राप्त निर्देशों एवं माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में श्री विजेन्द्र बलभद्रे के आवेदन को अस्वीकार करते हुए उन्हें जनपद पंचायत कोटा जिला बिलासपुर हेतु भारमुक्त किए जाने का आदेश जारी किया गया है।

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