उत्तर बस्तर कांकेर, जिले के किसान भाई आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सीड ड्रील मशीन से धान-मक्का का बुवाई कर रहे हैं। कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के किसानों खेती की नई तकनीक को अपनाने एवं कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीड ड्रील मशीन के माध्यम से धान एवं मक्का की बुवाई के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह तकनीक कम समय, कम लागत और कम पानी में बेहतर खेती का प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। खरीफ सीजन में सूखा की स्थिति एवं श्रमिकों की कमी, पानी की कमी को देखते हुए सीडड्रील मशीन से ग्राम कन्हारपुरी, कुलगांव, भनसुली (नरहरपुर) कांकेर में कृषक श्री नरेन्द्र नेताम, देवेन्द्र देहारी, संतराम आंचला, मनोज आंचला, ताराचंद्र मिश्रा के खेतों में सीडड्रील से धान बुआई तथा ग्राम कोमलपुर के कृषक श्री संजीव कावड़े के खेत में मक्का की बुआई का कार्य किया गया। यह तकनीक श्रमिकों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कृषि अभियांत्रिकी विभाग के मार्गदर्शन में इस खरीफ सत्र में अब तक लगभग 70 एकड़ क्षेत्र में सीड ड्रील मशीन से धान एवं मक्का की बुवाई की जा चुकी है। सीडड्रील मशीन से एक घंटे में सवा एकड़ तक की बुआई हो जाती है। इस मशीन की सहायता से बुवाई का कार्य कम समय में कम बीज से सीधे खेत में बोया जाता है। श्रमिक की कमी और जल संकट की स्थिति में यह तकनीकी किसानों के लिए लाभदायी सिद्ध हो रहा है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे कृषि मशीनीकरण को अपनाते हुए सीड ड्रील जैसी आधुनिक तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि कम संसाधनों में अधिक उत्पादन प्राप्त कर खेती को लाभकारी बनाया जा सके।



