मस्तूरी। बिलासपुर के भवन’ में उस समय मंच पर जीवंत हो उठा, जब नारी शक्ति बिलासपुर की ओर से विधि, समाज और संस्कृति की त्रिवेणी डॉ. उषा किरण बाजपेयी का एक गरिमामय समारोह में भव्य अभिनंदन किया गया। पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश बाजपेयी की धर्मपत्नी डॉ. उषा किरण बाजपेयी ने हाल ही में सदस्य किशोर न्याय बोर्ड एवं जिला कुटुंब न्यायालय से अपनी सेवाएं पूर्ण की हैं। उनके सेवा-निवृत्त होने पर समाज और संस्कृति के क्षेत्र में उनके ३५ वर्षों के अनवरत योगदान को रेखांकित करने के लिए इस विशेष अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर एक विशेष पुस्तिका का विमोचन किया गया और सुमधुर भजन संध्या का भी आयोजन हुआ, जिसने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और आत्मीय बना दिया।
दिग्गजों का जुटा जमघट, डॉ. उषा किरण के अवदान को सराहा
समारोह में प्रदेश और देश की कई जानी-मानी राजनीतिक, प्रशासनिक, विधिक और शैक्षणिक हस्तियों ने शिरकत की। सभी वक्ताओं ने डॉ. उषा किरण बाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की:
केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ नीति आयोग के उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री) श्री गणेश शंकर मिश्रा (IAS) ने डॉ. बाजपेयी की कर्मठता को समाज के लिए एक प्रेरणा पुंज बताया।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष श्री गौतम चौरडिया और महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि शासकीय और विधिक दायित्वों से मुक्त होने के बाद भी समाज को उनके बहुमूल्य अनुभवों की आवश्यकता बनी रहेगी।
गौर कापा धाम के महंत विष्णु गिरी, राष्ट्रपति सम्मानित विदुषी डॉ. पुष्पा दीक्षित, महर्षि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेश तिवारी और छत्तीसगढ़ राज भाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक ने उनके सांस्कृतिक व सामाजिक अवदानों को याद करते हुए उन्हें जीवन के इस नए सोपान के लिए शुभकामनाएं दीं।
अनुकरणीय उदाहरण: ६ भाइयों का संयुक्त ‘वाजपेयी परिवार’
कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर के विख्यात ‘वाजपेयी परिवार’ की संयुक्त पारिवारिक परंपरा की विशेष चर्चा रही। सत्ताईस खोली का यह परिवार आज के दौर में भी संयुक्त परिवार की जीती-जागती मिसाल है।
यहाँ ६ भाइयों का परिवार एक ही छत के नीचे पूर्ण प्रेम और सद्भावना के साथ रहता है।
सभी का भोजन एक ही चूल्हे पर बनता है।
परिवार की सभी छह बहुओं ने मर्यादा, गरिमा और संस्कारों को संजोकर रखा है। डॉ. उषा किरण ने इस प्रतिष्ठित परिवार की बहू के रूप में ३५ वर्ष पहले बिलासपुर में कदम रखा और पारिवारिक दायित्वों को निभाते हुए सार्वजनिक जीवन में भी अनुकरणीय मुकाम हासिल किया।
विविध क्षेत्रों में ३५ वर्षों का बेमिसाल सफर
डॉ. उषा किरण बाजपेयी का सामाजिक और प्रशासनिक सफर बेहद समृद्ध रहा है
कुटुंब न्यायालय में सराहनीय कार्य: जिला कुटुंब न्यायालय में परामर्शदाता के रूप में उन्होंने कई बिखरते परिवारों को टूटने से बचाया और सामाजिक विघटन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महिला सशक्तिकरण:
‘नारी शक्ति छत्तीसगढ़’ संस्था के माध्यम से उन्होंने शहर से लेकर सुदूर गांवों तक महिलाओं को स्वावलंबी और सम्मानित बनाने के लिए जमीन पर काम किया।
उच्च पदों पर सेवाएं: वे स्काउट गाइड की आजीवन सदस्य हैं और दो बार ‘राज्य आयुक्त गाइड’ की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। इसके अलावा वे आकाशवाणी बिलासपुर, महर्षि विद्या मंदिर की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) सहित कई विधिक आयोगों, मंडलों और फोरम की सम्मानित सदस्य रही हैं।
शैक्षणिक उपलब्धि: उन्होंने समाजशास्त्र के अंतर्गत ‘धनवार जनजाति की महिलाओं की गतिशीलता और समस्याएं’ विषय पर पीएचडी (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त की है।
आरती और तिलक से आत्मीय स्वागत
समारोह की शुरुआत में प्रार्थना भवन के मुख्य द्वार पर नारी शक्ति संस्था की बहनों ने डॉ. उषा किरण बाजपेयी का रोचना तिलक लगाकर, आरती उतारकर और पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में अभिनंदन पत्र का वाचन संस्था की संरक्षक डॉ. शकुंतला जितपूरे ने किया, जिसके बाद संस्था की बहनों ने उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया। मंच संचालन संस्था की उपाध्यक्ष संध्या शुक्ला ने अत्यंत कुशलता से किया और अंत में आभार प्रदर्शन सचिव श्वेता पांडे द्वारा किया गया।
गरिमामय उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अभिनंदन समारोह में बिलासपुर के नामचीन साहित्यकार, कवि, चिंतक, अधिवक्ता, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
प्रमुख रूप से सर्व सुश्री मंगला ताई देवरस, चंद्र कला त्रिवेदी, उर्मिला सिन्हा, बासंती वर्मा, मृदुला अवस्थी, डॉ. रश्मि बाजपेयी, त्रिवेणी भोई, शिखा बाजपेयी, इंदिरा चौधरी, किरन मुले, सीमा यादव, कामनी पांडेय, अंतिमा दुबे, शीलू शुक्ला, कविता आर्या, रुचि तिवारी, अंजू त्रिवेदी, भारती श्रीवास, डॉ. प्रीति प्रसाद, डॉ. रश्मि जितपुरे, योगिता मारू, कुमुद वर्मा, रीता शुक्ला, बीना श्रीवास्तव, डॉ. अजय पाठक, डी.डी. महंत, महेंद्र जैन, राजीव नयन शर्मा, रुद्र अवस्थी, विनोद वर्मा, रश्मि गुप्ता, वाणी राव, डॉ. प्रदीप शुक्ला, डॉ. मंत राम यादव, डॉ. सुप्रिया भारतीयन, शुभ्रा जोगलेकर, अदिति चौहान, वेदिता तिवारी, डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, विनय शर्मा, माया बाजपेयी, डॉ. सुनीता बाजपेयी, चंद्र प्रकाश बाजपेयी, अनिल तिवारी, इंदर टहलियानी, राम शंकर शुक्ला, सी.एम. बाजपेयी, पंकज चौहान, योगेन्द्र मारू, अखिलेश बाजपेयी, अजय श्रीवास्तव, अक्षय जैन और चन्द्र शेखर बाजपेयी सहित शहर के तमाम गणमान्य नागरिक और समाज प्रमुख उपस्थित रहे।



