बीजापर@रामचन्द्रम एरोला – जिले में फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, बीजापुर द्वारा 5 एकड़ क्षेत्र में नारियल बागान स्थापित किया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को जोनल कृषि अनुसंधान केंद्र (ZARS), जगदलपुर के वैज्ञानिकों की टीम ने प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया।
यह पहल कलेक्टर विश्वदीप के निर्देश तथा डॉ. एस. एस. टुटेजा, निदेशक विस्तार सेवाएं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के मार्गदर्शन में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि के अंतर्गत की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. ए. के. ठाकुर (ADR, ZARS, जगदलपुर), डॉ. एम. सी. मांडवी (वरिष्ठ वैज्ञानिक), डॉ. पी. चंद्राकर (वैज्ञानिक) एवं डॉ. भुजेंद्र कुमार (वैज्ञानिक) ने चयनित स्थल की मिट्टी की गुणवत्ता, जल उपलब्धता, जल निकासी व्यवस्था तथा क्षेत्र की जलवायु परिस्थितियों का विस्तृत आकलन किया। वैज्ञानिकों ने निरीक्षण के आधार पर नारियल की व्यावसायिक एवं दीर्घकालिक खेती के लिए उपयुक्त भूमि का चयन किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना तथा जलवायु अनुकूल और लाभकारी बागवानी फसलों का विस्तार करना है। चयनित स्थल पर शीघ्र ही उन्नत किस्म के नारियल पौधों का रोपण किया जाएगा। साथ ही किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देकर आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ने की भी योजना है।
निरीक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, बीजापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख अरुण सकनी सहित डॉ. मिथलेश कुमार, डॉ. शमशेर आलम, डॉ. राजकमल पटेल, डॉ. भूपेंद्र कुमार, डॉ. सुनीता पटेल, डॉ. अरविंद आयाम, डॉ. दिनेश मारापी तथा कृषि विज्ञान केंद्र के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।



