खेल मैदान एवं सार्वजनिक उपयोग की जमीन को बचाने की मांग
प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी । मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भनेसर में प्रस्तावित रेलवे साइडिंग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए मस्तूरी तहसीलदार चांदनी ध्रुव के समक्ष लिखित आपत्ति प्रस्तुत की है। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे साइडिंग के लिए जिस जमीन का प्रस्ताव किया गया है, वह गांव के बच्चों के खेल मैदान सहित सार्वजनिक एवं सामुदायिक कार्यों के लिए उपयोग में आने वाली भूमि है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम भनेसर के खसरा नंबर 110/1 की कुल 16.477 हेक्टेयर भूमि में से लगभग 6.50 हेक्टेयर भूमि पर रेलवे साइडिंग निर्माण का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को लेकर ग्राम पंचायत एवं ग्रामवासियों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बच्चों और युवाओं के लिए खेल मैदान जैसी सार्वजनिक सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में उपलब्ध खेल मैदान की जमीन को रेलवे साइडिंग के लिए दिए जाने से गांव के बच्चों और युवाओं की खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी। साथ ही रेलवे साइडिंग शुरू होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही, धूल और शोर जैसी समस्याएं बढ़ने की भी आशंका ग्रामीणों ने जताई है।
ग्रामीणों ने तहसीलदार चांदनी ध्रुव से मांग की है कि मामले को ग्रामीणों के हित में देखते हुए प्रस्तावित भूमि का पुनर्विचार किया जाए तथा रेलवे साइडिंग के लिए वैकल्पिक भूमि तलाश की जाए, ताकि गांव की सार्वजनिक उपयोग की जमीन और खेल मैदान सुरक्षित रह सके।
आपत्ति प्रस्तुत करने वालों में जनपद सदस्य राजू पंडित, उपसरपंच ज्योति प्रजापति, पंच ऋतु बंजारे, पंच नंदकिशोर भारद्वाज, विकास बंजारे, सोनाल बंजारे, पेट्रोल सिन्हा, अंगद बंधे, रितेश कुर्रे सहित अन्य ग्रामवासी शामिल रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन गांव के बच्चों के खेल मैदान और सार्वजनिक उपयोग की भूमि की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से उनकी आपत्ति पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।



