प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिलासपुर की 13 वर्षीय बाल गायिका वंदिता साहू ने अपनी लोक-संस्कृति और देशभक्ति का अनोखा संगम प्रस्तुत किया। वंदिता ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी भर्थरी लोकगायन शैली में देशभक्ति के गीत को ढालकर अपनी प्रस्तुति दी।
वंदिता की इस प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा के साथ देशप्रेम की भावना देखने को मिली। भर्थरी की पारंपरिक धुन और अंदाज में देशभक्ति का संदेश प्रस्तुत कर उन्होंने लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास किया।
महज 13 वर्ष की उम्र में वंदिता का लोकगीत, शास्त्रीय संगीत और देशभक्ति गीतों के प्रति समर्पण लोगों के लिए प्रेरणादायक है। स्वतंत्रता दिवस पर उनकी यह विशेष प्रस्तुति न केवल देश के वीरों को नमन थी, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति को सम्मान देने का भी प्रयास रही।
वंदिता साहू ने अपनी गायकी के माध्यम से संदेश दिया कि देशभक्ति केवल आधुनिक गीतों तक सीमित नहीं, बल्कि हमारी पारंपरिक लोकधुनों में भी उतनी ही खूबसूरती से व्यक्त की जा सकती है।



