सूरेली । सावन के पावन महीने में प्राचीन शिव दुर्गा मंदिर समिति, ग्राम सूरेली द्वारा भव्य कावड़ पदयात्रा का आयोजन किया गया। पहली बार आयोजित हुई इस कावड़ यात्रा में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्गों समेत सैकड़ों शिवभक्त शामिल हुए। पूरे यात्रा मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
कावड़ यात्रा की शुरुआत प्राचीन शिव दुर्गा मंदिर से हुई। शिवभक्त कावड़ लेकर हेटारकसा नदी पहुंचे, जहां से पवित्र जल भरकर वापस शिव दुर्गा मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद कावड़ यात्रा भैराडीह के लिए रवाना हुई, जहां जोगीपारा में शिवलिंग पर भी पवित्र जल से अभिषेक किया गया।
यात्रा के दौरान महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखने को मिला। पहली ही वर्ष आयोजित कावड़ यात्रा में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन समिति का उत्साह बढ़ा दिया।
समिति ने दिया समाज को एकता और संस्कार का संदेश
समिति के मुख्य सदस्य राजेश त्रिपाठी (महाराज जी) सहित समिति के सदस्यों ने कहा कि कावड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि समाज को एकजुट करने, आपसी भाईचारा बढ़ाने और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी है।
समिति ने कहा कि आज के समय में समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और एकता बनाए रखना बेहद जरूरी है। ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को एक साथ आने और एक-दूसरे का सहयोग करने का अवसर मिलता है।
समिति ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि धर्म के साथ मानवता, संस्कार, स्वच्छता और सामाजिक सद्भाव को भी प्राथमिकता दें। आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। भगवान शिव की भक्ति के साथ समाज में प्रेम, शांति और एकता का संदेश भी फैलना चाहिए।
कावड़ यात्रा के सफल आयोजन में राजेश त्रिपाठी (महाराज जी), कृष्णा कावड़े, प्रभा कावड़े, ललित दर्रो, कीर्तन जैन, मंगलू जैन, श्रीमती धनेश्वरी जैन, श्रीमती सुमित्रा जैन और फूलबाई कावड़े सहित समिति के सदस्यों एवं समस्त शिवभक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पहले ही वर्ष में उमड़ी श्रद्धा ने साफ कर दिया कि सूरेली में आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता की भावना भी मजबूत है। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ कावड़ यात्रा ने पूरे गांव को भक्ति और भाईचारे के रंग में रंग दिया।



