सरसींवा ( सारंगढ़-बिलाईगढ़ ) :- मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर ग्रामीण अंचल की प्रतिभाएं भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं। इसका शानदार उदाहरण ग्राम भिनोदा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ निवासी रत्नेश लहरे ने पेश किया है। रत्नेश ने 2nd Combat State Championship-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे भिनोदा गांव के साथ-साथ परिवार और विद्यालय में खुशी का माहौल है। रत्नेश लहरे वर्तमान में Delhi Public School, Raigarh में अध्ययनरत हैं।
विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी रत्नेश लगातार मेहनत कर अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं। 16 अगस्त 2026 को दिल्ली पब्लिक स्कूल रायगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कॉम्बैट चैंपियनशिप में रत्नेश ने अंडर-13 आयु वर्ग के 46 किलोग्राम वजन वर्ग में हिस्सा लिया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। रत्नेश की इस सफलता को केवल एक पदक के रूप में नहीं, बल्कि गांव की मिट्टी से निकली प्रतिभा की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
भिनोदा जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करना निश्चित रूप से गांव के लिए गौरव की बात है। रत्नेश ने अपनी सफलता से यह संदेश दिया है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और परिवार के प्रोत्साहन से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी किसी भी बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। रत्नेश की सफलता में उनके परिवार का सहयोग और प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिवार ने उनकी पढ़ाई के साथ खेल के प्रति रुचि को प्रोत्साहित किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार हौसला दिया। रत्नेश की उपलब्धि से परिवार के सदस्यों में विशेष उत्साह है और वे भविष्य में उसे खेल के क्षेत्र में और आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।
वहीं Delhi Public School, Raigarh के लिए भी यह उपलब्धि गर्व का विषय है। विद्यालय द्वारा बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए दिए जा रहे अवसरों का सकारात्मक परिणाम रत्नेश की उपलब्धि के रूप में सामने आया है। रत्नेश की सफलता ने विद्यालय के शिक्षकों और सहपाठियों का भी उत्साह बढ़ाया है।
ग्राम भिनोदा के ग्रामीणों ने रत्नेश की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि गांव के बच्चे का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना पूरे गांव के लिए गर्व की बात है। ग्रामीणों ने रत्नेश को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। रत्नेश की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बनी है। खेल के साथ शिक्षा को आगे बढ़ाते हुए रत्नेश ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी शहर या बड़े संस्थान की मोहताज नहीं होती, जरूरत होती है मेहनत, अवसर और सही मार्गदर्शन की।



