प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी। बिलासपुर जिले के मस्तूरी जनपद क्षेत्र अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला ग्राम मोहतरा में नौनिहाल बच्चे इन दिनों अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल भवन के दो कक्ष पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। बारिश के मौसम में छत से लगातार पानी टपक रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्कूल में फिलहाल सिर्फ एक कक्ष ही ऐसा है, जो उपयोग के लायक है। इसी एक कमरे में कक्षा पहली से पांचवीं तक के कुल 69 बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।
बारिश के दौरान जब छत से पानी रिसता है, तब बच्चों और शिक्षकों की परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक ही कमरे में 69 बच्चों की पढ़ाई कैसे संभव है? प्रधान पाठक एस आर धीरज ने बताया कि स्कूल भवन के जर्जर स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग को पुर्व वर्ष में ही दे दी गई थी। साथ ही ग्राम के सरपंच प्रतिनिधि दिग्विजय सुमन को स्कूल की परेशानी से अवगत कराया इसके बावजूद अब तक शासन तथा विभाग द्वारा आज तक भवन की मरम्मत नहीं होने से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इधर मासूम बच्चों में पढ़ने का जुनून और कुछ कर गुजरने की जिद जरूर है, लेकिन उनकी यह लगन कहीं किसी हादसे की भेंट न चढ़ जाए। अब ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से तत्काल जर्जर भवन की मरम्मत अथवा वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है, ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में शिक्षा हासिल कर अपने भविष्य को संवार सकें।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शिवराम टंडन से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि ग्राम मोहतरा के प्रधान पाठक द्वारा स्कूल के जर्जर होने की शिकायत मिली थी तथा सरपंच प्रतिनिधि द्वारा शिकायत एवं सीएम पोर्टल शिकायत के आधार पर स्कूल जाकर निरीक्षण किया निरीक्षण के बाद मस्तूरी एसडीओ अमित बंजारे को जर्जर स्कूल के लिए एस्टीमेट बनाने का अनुरोध किया था आज एस्टीमेट मिल जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराऊंगा।



