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जल संसाधन संभाग कांकेर के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण

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उत्तर बस्तर कांकेर लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद श्री भोजराज नाग के मुख्य अतिथि एवं विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम की अध्यक्षता में जल संसाधन संभाग कांकेर के नवीन कार्यालय का लोकार्पण किया गया। लगभग 01 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से नव निर्मित इस कार्यालय भवन में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। कार्यालय भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

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केंद्र और राज्य सरकार के बजट में किसानों, युवाओं और महिलाओं के हित को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि हर खेत तक पानी पहुंचे। इसी दिशा में जल संसाधन विभाग के माध्यम से किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

सांसद श्री नाग ने विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे सरकारी कार्यों को भी उसी भावना और जिम्मेदारी से करें, जिस तरह व्यक्ति अपने स्वयं के मकान का निर्माण करते समय उसकी मजबूती, गुणवत्ता और टिकाऊपन का ध्यान रखता है। उन्होंने कहा कि सरकारी भवन और विकास कार्य जनता के पैसे से निर्मित होते हैं, इसलिए उनकी गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। पुराने समय में लोग अपने कार्य को कर्मभूमि मानकर पूरी निष्ठा और समर्पण से करते थे।

हमें भी अपने कार्य को सेवा और जिम्मेदारी मानकर करना चाहिए। किसी भी कार्य में गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से निर्वहन करें।
सांसद श्री नाग ने वर्षाजल के संचय एवं संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि नदी-नालों में नाला बंधान, स्टॉप डैम, तालाब और बड़े बांधों जैसी जल संरचनाओं के माध्यम से बारिश के पानी का अधिक से अधिक संचयन किया जाना चाहिए।

हमारे पूर्वजों और राजा-महाराजाओं ने भी तालाब, कुएं और बावड़ियों का निर्माण कर जल संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाया था। हमें भी इस परंपरा से प्रेरणा लेकर अपने माता-पिता, समाज अथवा देवी-देवताओं के नाम पर जल संरचनाओं का निर्माण कराने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित करना चाहिए। जल की एक-एक बूंद का सदुपयोग सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। संरक्षित जल का उपयोग कृषि सहित अन्य आवश्यक कार्यों में किया जाए, ताकि इसका लाभ समाज और आने वाली पीढ़ियों को मिल सके।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम ने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा जल संरक्षण और जल को धरती तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे कार्य अत्यंत सराहनीय है। किसी भी विभाग की सफलता उसके नेतृत्व और अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयास पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि वर्षा के पानी को रोकना और उसे किसानों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। जल संसाधन विभाग द्वारा इस दिशा में किए जा रहे कार्य आने वाले समय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। श्री नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कांकेर जिले में जल संसाधन संभाग अंतर्गत लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य हुए हैं।

इसके लिए उन्होंने विभाग के अधिकारी से लेकर पीयून स्तर तक सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और जल संरक्षण के कार्यों को इसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को नगर पालिका के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर तथा श्री महेश जैन ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कार्यपालन अभियंता श्री मेश्राम ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में मेढ़की बैराज का प्रस्ताव शामिल किया गया है, जिससे 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ सिंचाई तथा 2500 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई प्रस्तावित होगी। साथ ही 2.50 मिलियन घन मीटर जल की आपूर्ति रावघाट परियोजना को हो सकेगी।

नरहरपुर विकासखण्ड अंतर्गत मांडाभर्री जलाशय बजट में प्रस्तावित है, जिसके बनने से लगभग 800 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। जिले में दो वर्षों में 32 योजनाओं का जीर्णोद्धार किया जाकर लगभग 05 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेप फिलिंग का कार्य किया गया है। वर्तमान में जिले का रूपांकित सिंचाई क्षमता 47,617 हेक्टेयर है, जिसे आने वाले समय में 01 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, विभिन्न वार्डाे के पार्षद गण, मुख्य अभियंता गोदावरी कछार श्री ए. ग्राहम, जल संसाधन संभाग कांकेर के कार्यपालन अभियंता श्री धर्मेंद्र मेश्राम, विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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