धोबनी (सरसीवा)। ग्राम पंचायत धोबनी में रविवार को पारंपरिक भोजली उत्सव का समापन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ भोजली विसर्जन के रूप में किया गया। इस अवसर पर गांव के लगभग प्रत्येक घर से भोजली की थाली सजाकर महिलाएं, बच्चे और ग्रामीण विसर्जन जुलूस में शामिल हुए। सजी हुई थालियों में भोजली माता के दर्शन से पूरा गांव भक्तिमय और उत्सवमय नजर आया।
भोजली विसर्जन के लिए गांव की विभिन्न बस्तियों से जुलूस निकाला गया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर भोजली से सजी थालियां रखकर तालाब तक पहुंचीं। इस दौरान भोजली गीतों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच महिलाओं, बच्चों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तालाब के पास भोजली विसर्जन का दृश्य बेहद मनमोहक रहा।
ग्रामीणों ने कई दिनों तक श्रद्धा और सेवा के साथ भोजली माता को सहेजा था। विसर्जन के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भोजली माता का आशीर्वाद लिया गया। इसके साथ ही गांव के धोबनेश्वर महादेव मंदिर में भोजली अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद भी लिया गया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत धोबनी के सरपंच राजीव लोचन साहू ने प्रत्येक भोजली की थाली के लिए 20 रुपये अर्पित कर ग्रामीणों के साथ भोजली माता का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि गांव में कई वर्षों बाद भोजली उत्सव को लेकर इस तरह का उत्साह देखने को मिला है। पिछले कुछ वर्षों से गांव में भोजली उत्सव पहले की तरह नहीं हो पा रहा था, लेकिन इस वर्ष लगभग हर घर में भोजली जगाई गई और लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सरपंच ने कहा कि पारंपरिक भोजली उत्सव को फिर से उसी उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाना पूरे गांव के लिए खुशी की बात है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग और उत्साह से भोजली विसर्जन का यह पारंपरिक आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।



