धोबनी (सरसीवा ) बुधवार को क्षेत्र में कमरछठ (हलषष्ठी) पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना को लेकर दिनभर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और व्रत रखा।
कमरछठ के व्रत में माताएं विशेष रूप से नियमों और परंपराओं का पालन करती हैं। इस दिन पूजा में महुआ, भैंस का दूध, पसहर चावल सहित कई प्रकार की पारंपरिक एवं दुर्लभ सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। व्रती माताओं द्वारा इन सामग्रियों से तैयार किए गए विभिन्न व्यंजनों और सब्जियों का ही फलाहार के रूप में सेवन किया जाता है।
सुबह से ही गांवों में महिलाएं पूजा की तैयारियों में जुटी रहीं। पूजा स्थल पर माताओं ने एकत्र होकर कमरछठ की कथा सुनी और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने पुत्रों की दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
ग्रामीण अंचलों में कमरछठ पर्व का विशेष महत्व है। माताएं वर्षों से इस पारंपरिक व्रत का पालन करती आ रही हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ कमरछठ का व्रत रखने से पुत्रों की लंबी आयु और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली।



