शहरी क्षेत्रों में वार्डवार तथा हाईवे के लिए विकासखंडवार रैपिड रिस्पांस टीम तैनात
पशुओं की टैगिंग, रेडियम बेल्ट लगाने, उपचार एवं सुरक्षित विस्थापन की होगी कार्रवाई
उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में घुमंतू एवं निराश्रित पशुओं के उचित प्रबंधन तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग द्वारा विशेष टीमें गठित की गई हैं। इसके तहत कांकेर नगर के 21 वार्डों के लिए वार्डवार टीम तथा नेशनल एवं स्टेट हाईवे के लिए विकासखंडवार रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है।
शहरी क्षेत्र में गठित टीमों द्वारा पशुपालकों को अपने पशुओं को खुले में नहीं छोड़ने तथा घर अथवा सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखने के लिए समझाइश दी जाएगी। खुले में पशु छोड़ने पर नगर पालिका द्वारा की जाने वाली जुर्माने की कार्रवाई की जानकारी भी पशुपालकों को दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक पशु की टैगिंग कर पशुपालक का विवरण, फोटोग्राफ्स एवं आवश्यक जानकारी भारत पशुधन पोर्टल में दर्ज की जाएगी तथा की गई कार्रवाई का विवरण पंजी में संधारित किया जाएगा।
कांकेर नगर के 21 वार्डों में वार्डवार टीम
कांकेर नगर के वार्ड क्रमांक 1 से 6, जिसमें अलबेलापारा, उदय नगर, शिवनगर, माहुरबंदपारा, जवाहर एवं संजय नगर शामिल हैं, के लिए श्री सुरेन्द्र साहू, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, को नोडल अधिकारी तथा श्री जयसिंह सोनकर, परिचारक, को सहयोगी नियुक्त किया गया है।
वार्ड क्रमांक 7 से 11, जिसमें आमापारा, शीतलापारा, श्री रामनगर, भंडारीपारा एवं महादेव वार्ड शामिल हैं, के लिए श्री प्रमोद सिंह, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, को नोडल अधिकारी तथा श्री उमाशंकर नेताम, ड्रेसर, को सहयोगी नियुक्त किया गया है।
वार्ड क्रमांक 12 से 16, जिसमें मांझापारा, सुभाषनगर , अन्नपूर्णापारा, एम.जी. वार्ड एवं शांतिनगर शामिल हैं, के लिए श्री सोमेश शर्मा, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, को नोडल अधिकारी तथा श्री राजेश दर्रो, पी.ए.आई.डब्ल्यू., को सहयोगी नियुक्त किया गया है।
वार्ड क्रमांक 17 से 21, जिसमें कंकालिनपारा, बरदेभाठा, अघन नगर, जनकपुर एवं राजापारा वार्ड शामिल हैं, के लिए श्री पवन सिन्हा, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, को नोडल अधिकारी तथा श्री देवलाल साहू, पी.ए.आई.डब्ल्यू., को सहयोगी नियुक्त किया गया है।
हाईवे के लिए विकासखंडवार रैपिड रिस्पांस टीम
नेशनल एवं स्टेट हाईवे पर विचरण करने वाले पशुओं के त्वरित प्रबंधन के लिए जिले के सातों विकासखंडों में रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है। कांकेर विकासखंड में डॉ. नरेन्द्र कुमार राणा (मोबाइल नंबर 8435730950) को नोडल अधिकारी तथा डॉ. प्रीति कोड़ोपी (8815268959) एवं डॉ. रोशन साहू (7000593489) को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
चारामा विकासखंड में डॉ. दुष्यंत गावड़े (7999781304) को नोडल अधिकारी तथा डॉ. कैलाश कुमार धुव (7089043240) को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
नरहरपुर विकासखंड में डॉ. विरेन्द्र सिंह नाग (9009057068) को नोडल अधिकारी तथा डॉ. नवीन नरेटी (8889608485) को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
भानुप्रतापपुर विकासखंड में डॉ. केवल कृष्ण कुमार (7049090157) को नोडल अधिकारी तथा डॉ. प्रणवधर दीवान (8839824621) एवं डॉ. विजया नागवंशी (7000800356) को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
अंतागढ़ विकासखंड में डॉ. रेणुका भगत (6232262961) को नोडल अधिकारी तथा श्री एस.पी. देवांगन (9407994701) को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
दुर्गूकोंदल विकासखंड में डॉ. राहुल ठाकुर (8770727642) को नोडल अधिकारी तथा डॉ. दीनानाथ पटेल (8717979749) एवं डॉ. सच्चिदानंद सरकार (7999650908) को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
कोयलीबेड़ा विकासखंड में डॉ. एच.आर. ओगरे (8889571715) को नोडल अधिकारी तथा डॉ. एस.आर. धाकड़ (6264737968) एवं डॉ. डी.के. कलिहारी (6264768545) को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
पशुओं के उपचार एवं आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) के हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क किया जा सकता है। यह सुविधा जिले के सभी विकासखंडों के लिए उपलब्ध है।
हाईवे पर तैनात टीमें करेंगी त्वरित कार्रवाई
रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा हाईवे पर विचरण करने वाले पशुओं में आवश्यकतानुसार रेडियम बेल्ट लगाए जाएंगे। पशुओं की टैगिंग कर भारत पशुधन पोर्टल में उनका विवरण दर्ज किया जाएगा। बीमार अथवा घायल पशुओं को आवश्यकतानुसार चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही संबंधित नगरपालिका, नगर पंचायत अथवा ग्राम पंचायत के सहयोग से घुमंतू पशुओं को हाईवे एवं प्रमुख मार्गों से हटाकर सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कराया जाएगा।
जिला प्रशासन की पशुपालकों से अपील
जिला प्रशासन ने जिले के समस्त पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें तथा उन्हें घर अथवा सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें। पशुओं के सड़कों एवं हाईवे पर खुले में विचरण करने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और आम नागरिकों को भी आवागमन में परेशानी होती है।
जिला प्रशासन ने पशुपालकों से जनसुरक्षा एवं पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित नगर पालिका द्वारा नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।


