प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने और स्कूल तक उनकी पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से संचालित सरस्वती साइकिल योजना को लेकर अब एक सवाल उठने लगा है। योजना का लाभ सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत पात्र छात्राओं को दिया जाता है, लेकिन निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं इस सुविधा से वंचित रहती हैं। ऐसे में अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि यदि योजना का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी स्कूल तक पहुंच सुगम बनाना है, तो निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को इससे बाहर क्यों रखा गया है?
ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार ऐसे हैं, जो आर्थिक परिस्थितियों के कारण बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों का विकल्प चुनते हैं। कुछ छात्राएं निजी स्कूलों में अध्ययन कर रही हैं और उन्हें भी विद्यालय तक आने-जाने में दूरी तथा परिवहन की समस्या का सामना करना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि योजना के दायरे और पात्रता को लेकर शासन स्तर पर व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए। यदि निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए भी किसी निर्धारित मापदंड के आधार पर साइकिल अथवा परिवहन सहायता उपलब्ध कराई जाए, तो इससे दूर-दराज की छात्राओं को शिक्षा जारी रखने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, सरस्वती साइकिल योजना की वर्तमान पात्रता एवं नियम शासन द्वारा निर्धारित हैं। इस कारण स्थानीय लोगों में ग्राम पाराघाट, भनेसर जय राम नगर कोटमी सोनार खैरा के ग्रामीण जनों पवन निषाद, सतीश वस्त्रकार, मनीराम यादव रामकुमार मौर्य, तथा अन्य ग्रामीण जनों ने मांग उठाई है कि सरकार इस विषय पर विचार कर स्पष्ट करे कि निजी स्कूलों की छात्राओं को योजना में शामिल करने की कोई संभावना है या नहीं। अब सवाल यही है—शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने वाली इस योजना का दायरा भविष्य में और व्यापक होगा या नहीं?
इस समस्या को लेकर मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया से जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में या प्राइवेट स्कूलों में अध्ययनरत छात्राएं हमारे अपने ही बच्चे है अगर सरकारी स्कूलों के बच्चों को सरस्वती योजना से शासन द्वारा साइकिल वितरण किया जा रहा है तो प्राइवेट स्कूलो में पढ़ाई करने वाले बच्चों को क्यों नहीं?
प्राइवेट स्कूलों को शासन के द्वारा ही मान्यता प्राप्त होने पर पूरे प्रदेश में स्कूल संचालित हो रहे हैं तो प्राइवेट स्कूलो के बच्चों को भी सरस्वती योजना का लाभ मिलना चाहिए मै शासन से मांग करता हू कि इनको भी योजना का लाभ मिलना चाहिए क्योंकि ये भी हमारे ही बच्चे है।



