एमसीबी । भारतीय सवर्ण समाज फोरम के सदस्यों ने सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी से जुड़े संशोधनों को वापस लेने, सवर्ण आयोग का गठन करने तथा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा सहित विभिन्न मांगें रखी गईं।
फोरम ने कहा कि 20 सितंबर को मनेंद्रगढ़ के अहिंसा भवन में आयोजित बैठक में समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था। ज्ञापन में उच्च शिक्षा संस्थानों एवं समितियों में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के मामलों में प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई और झूठी शिकायत पाए जाने पर उचित कार्रवाई का प्रावधान करने की मांग की गई।
फोरम ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग आयोग की तर्ज पर सवर्ण आयोग के गठन की मांग करते हुए कहा कि इससे समाज की समस्याओं एवं हितों के संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था बन सकेगी।
आरक्षण व्यवस्था को लेकर फोरम ने स्पष्ट किया कि वह आरक्षण के विरोध में नहीं है, बल्कि इसकी समीक्षा और क्रीमी लेयर नीति के प्रभावी पालन की मांग करता है। साथ ही आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था पर विचार करने की मांग रखी गई।
एससी-एसटी मामलों में मुआवजा व्यवस्था को लेकर फोरम ने कहा कि मुआवजा राशि का भुगतान न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद किए जाने की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक मामलों में पीड़ितों को लाभ मिल सके और व्यवस्था का दुरुपयोग रोका जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सुदर्शन अग्रवाल, विनोद तिवारी, महेंद्र प्रताप सिंह, श्याम सुंदर पोद्दार, रूपेश श्रीवास्तव, कृष्ण मुरारी तिवारी, माधव त्रिपाठी, श्याम श्रीवास्तव, हरिश चंद्र तिवारी, व्ही.एस. पाण्डेय, सुरेश गोयल, सूर्यभान सिंह, राजेश सिन्हा सहित समाज के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



