बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला। इंद्रावती नदी के उस पार सात दिनों से फंसे पटवारी-कर्मचारियों की परेशानी को दैनिक किरण दूत ने प्रमुखता से उठाया था। खबर का असर हुआ और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से सभी छह कर्मचारियों का सफल रेस्क्यू कराया।
कुटरू तहसील क्षेत्र में डीसीएस सर्वे के लिए इंद्रावती नदी पार गए दो पटवारी, एक चैनमैन और सर्वेयरों की टीम पिछले सात दिनों से गुट्टमंगी क्षेत्र में फंसी हुई थी। टीम ने इस दौरान करीब 80 किलोमीटर पैदल चलकर सर्वे का कार्य किया था। इसी दौरान पटवारी हरिशंकर यालम के पैर में चोट और छालों के कारण संक्रमण हो गया था, जबकि दो अन्य कर्मचारियों के बीमार होने की जानकारी सामने आई थी।
तेज बहाव के कारण SDRF द्वारा नाव से रेस्क्यू संभव नहीं हो पा रहा था। कर्मचारियों की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर से निकालने की मांग उठ रही थी। दैनिक किरण दूत ने 26 सितंबर को इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एयरलिफ्ट की व्यवस्था की और सभी छह कर्मचारियों को सुरक्षित जिला मुख्यालय बीजापुर पहुंचाया। हेलीकॉप्टर के बीजापुर पहुंचने पर राजस्व अधिकारी, तहसीलदार और पटवारी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इसके बाद सभी कर्मचारियों को 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल में कलेक्टर विश्वदीप की मौजूदगी में कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। सुरक्षित लौटे कर्मचारियों के चेहरे पर राहत और अपनों से दोबारा मिलने की खुशी साफ दिखाई दी। कलेक्टर ने कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए कर्मचारियों के कार्य की सराहना की।
लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में बढ़े जलस्तर और इंद्रावती नदी के तेज बहाव के चलते कर्मचारी नदी के उस पार फंस गए थे। प्रशासन की त्वरित पहल से सभी छह कर्मचारियों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।
इस दौरान आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी मुकेश देवांगन, तहसीलदार पंचराम सलामे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



