मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
सर्व आदिवासी समाज जिला मुंगेली ने लोरमी एसडीएम एवं कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; मांग पूरी नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
मुंगेली/लोरमी। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजाति कार्य विभाग किए जाने के निर्णय को लेकर सर्व आदिवासी समाज जिला मुंगेली ने विरोध जताया है। समाज के पदाधिकारियों ने शासन के इस निर्णय पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विभाग का नाम पूर्ववत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ रखे जाने की मांग की है। इस संबंध में समाज की ओर से लोरमी एसडीएम एवं जिला मुंगेली कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई है।
सर्व आदिवासी समाज का कहना है कि आदिम जाति विकास विभाग का नाम समाज की पहचान और वर्षों से चली आ रही परंपरा से जुड़ा हुआ है। इस नाम से समाज के लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं और उन्हें इस पहचान पर गर्व है। ऐसे में विभाग का नाम बदलने के निर्णय से आदिवासी समाज में असंतोष व्याप्त है। समाज के प्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए विभाग का पुराना नाम यथावत रखा जाए।
पहचान से जुड़ा है विभाग का नाम, समाज ने जताई नाराजगी
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि आदिम जाति विकास विभाग का नाम लंबे समय से प्रचलन में रहा है और यह आदिवासी समाज की पहचान से जुड़ा हुआ है। नाम परिवर्तन के निर्णय को लेकर समाज के लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि समाज की भावनाओं और पहचान को ध्यान में रखते हुए शासन को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
समाज ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग किसी प्रकार के विवाद को बढ़ाने की नहीं, बल्कि विभाग का नाम पूर्ववत बनाए रखने की है। प्रतिनिधियों ने शासन से आग्रह किया है कि आदिवासी समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए नाम परिवर्तन के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।
मांग पूरी नहीं हुई तो होगा धरना-प्रदर्शन
सर्व आदिवासी समाज जिला मुंगेली ने चेतावनी दी है कि यदि शासन द्वारा विभाग का नाम पूर्ववत नहीं किया गया, तो समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। समाज के पदाधिकारियों ने शासन एवं प्रशासन से इस मामले में शीघ्र पहल करने और विभाग का नाम यथावत रखने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष रामजी ध्रुव, जिलाध्यक्ष चंद्रू ध्रुव, कार्यकारी अध्यक्ष सूरज कोल, संयुक्त सचिव देवा मार्को सहित भुनेश्वर ध्रुव, रामनारायण ध्रुव, शिवकुमार ध्रुव, इतवारी ध्रुव, रामेश्वर ध्रुव, भागवत ध्रुव, बुद्धम सिंह, लालू ध्रुव, रामावतार मरावी, दसरू कोल, चंदू ध्रुव, रूपेश ध्रुव, राजेश ध्रुव एवं धनीराम ध्रुव सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।
अब देखना होगा कि शासन आदिवासी समाज की इस मांग पर क्या रुख अपनाता है और विभाग का नाम पूर्ववत रखने को लेकर कोई निर्णय लिया जाता है या नहीं।



