बंद मिली प्राथमिक शाला नैनपाल, अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – जिले में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पाण्डेय ने विकासखंड बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र की विभिन्न शासकीय शालाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी नागेश्वर निषाद भी मौजूद रहे। निरीक्षण में शिक्षकों की अनुपस्थिति और शैक्षणिक अव्यवस्था मिलने पर DEO ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई एवं आगामी माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गंगालूर एवं कन्या आश्रम शाला गंगालूर में शैक्षणिक व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। दोनों संस्थानों में मात्र तीन शिक्षक उपस्थित पाए गए, जबकि विद्यार्थियों की उपस्थिति भी कम थी। अनुपस्थित कर्मचारियों में बेलारानी दुर्गम, संगीता नाग, सर्वेश्वर राव झाड़ी, पुरुषोत्तम पैंकरा, एम. श्रीनिवास राव, मनोज बुडगुल, सिकन्दर किस्पोट्टा और कृष्ण कुमार झाड़ी शामिल हैं।
वहीं, प्राथमिक शाला पेद्दापारा में प्रधानपाठक अनुपस्थित मिले, जबकि प्राथमिक शाला नैनपाल निरीक्षण के दौरान बंद पाई गई। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
बेहतर व्यवस्था वाली शालाओं की सराहना
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला पुसनार एवं बद्देपारा में शिक्षकों की उपस्थिति, बेहतर किचन गार्डन और मध्यान्ह भोजन तैयार होने की व्यवस्था संतोषजनक मिली। DEO ने इन विद्यालयों की सराहना करते हुए अन्य शालाओं को भी नियमित उपस्थिति और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पाण्डेय ने सभी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण अध्यापन, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और मध्यान्ह भोजन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा बेहतर कार्य करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।



