ग्राम पंचायत धोबनी में लगभग 120 किसानों का भौतिक सत्यापन लंबित, समस्या के समाधान के लिए किसान लगा रहे अधिकारियों के चक्कर
सरसीवा – पटवारियों की हड़ताल के चलते धान खरीदी से पहले किसानों के पंजीकृत रकबे का भौतिक सत्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्राम पंचायत धोबनी में लगभग 120 किसानों के रकबे का भौतिक सत्यापन नहीं हो पाने से किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। धान खरीदी का समय नजदीक आने के साथ ही किसानों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष गिरदावरी का कार्य सर्वेयरों के माध्यम से पूरा कराया गया है। इसके बाद किसानों के खेतों में जाकर पंजीकृत रकबे का भौतिक सत्यापन पटवारी द्वारा किया जाना है। लेकिन पटवारियों की हड़ताल के कारण भौतिक सत्यापन नहीं हो पाई है। इससे ग्राम पंचायत धोबनी के अनेक किसानों का भौतिक सत्यापन कार्य अधर में लटका हुआ है।
किसानों का कहना है कि धान खरीदी से पहले रकबे का भौतिक सत्यापन होना जरूरी है। यदि समय पर सत्यापन नहीं हुआ तो धान बेचने के दौरान उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समस्या को लेकर किसान कभी तहसील कार्यालय तो कभी संबंधित अधिकारियों के पास पहुंचकर जानकारी ले रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्पष्ट समाधान नहीं मिल पाया है।
ग्रामीण किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पटवारियों की हड़ताल जारी रहने की स्थिति में भौतिक सत्यापन का कार्य आखिर कौन पूरा करेगा? किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि धान खरीदी शुरू होने से पहले लंबित भौतिक सत्यापन कार्य पूरा कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी किसान को धान बेचने में परेशानी न हो।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कब तक समाधान निकालता है।



