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बस्तर फाइटर्स भर्ती में कांकेर जिले के साथ भेदभाव का आरोप, 125 पदों से युवाओं में नाराजगी

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पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 300 करने की मांग, 400-500 युवाओं ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिरीक्षक के नाम सौंपा ज्ञापन

कांकेर। बस्तर संभाग में बस्तर फाइटर्स भर्ती 2026 को लेकर कांकेर जिले के युवाओं में असंतोष बढ़ने लगा है। भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 1588 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं, लेकिन कांकेर जिले के हिस्से में महज 125 पद आने से स्थानीय युवाओं में नाराजगी है। इसे जिले के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए कोयलीबेड़ा क्षेत्र के 400 से 500 अभ्यर्थियों ने पदों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई है।

इस संबंध में अभ्यर्थियों ने 4 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज जगदलपुर के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया है।

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नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल क्षेत्र, फिर भी कम पद

ज्ञापन में युवाओं ने बताया कि कोयलीबेड़ा विकासखंड कांकेर जिले का सबसे दूरस्थ, संवेदनशील एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। यह इलाका लंबे समय से नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। ऐसे क्षेत्र के युवाओं को बस्तर फाइटर्स भर्ती में पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए, लेकिन जिले के लिए केवल 125 पद निर्धारित किए जाने से सैकड़ों अभ्यर्थियों के सामने निराशा की स्थिति बन गई है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि कांकेर जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 6432 वर्ग किलोमीटर है और जिले में सात विकासखंड हैं। इसके बावजूद भर्ती में जिले को अपेक्षाकृत कम पद दिए गए हैं। वहीं बस्तर संभाग के अन्य जिलों में पदों का आवंटन अधिक होने की बात कहते हुए उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

दो साल से कर रहे भर्ती की तैयारी

युवाओं ने ज्ञापन में बताया कि क्षेत्र के लगभग 400 से 500 युवक-युवतियां पिछले दो वर्षों से बस्तर फाइटर्स भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। अभ्यर्थी दिन-रात शारीरिक अभ्यास और दौड़ सहित अन्य तैयारियों में जुटे हुए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि इस भर्ती से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, लेकिन जिले के लिए मात्र 125 पद निर्धारित होने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में नजर आ रहा है।

युवाओं की दो प्रमुख मांगें

अभ्यर्थियों ने शासन के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि कांकेर जिले के लिए निर्धारित 125 पदों को बढ़ाकर कम से कम 300 किया जाए, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके।

दूसरी मांग है कि जब तक जिले के लिए पदों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती, तब तक कांकेर जिले के अभ्यर्थियों को बस्तर संभाग के अन्य छह जिलों में भी आवेदन करने की अनुमति दी जाए। युवाओं ने इसके लिए वर्ष 2022 की भर्ती प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि उस समय अभ्यर्थियों को अन्य जिलों में आवेदन करने की छूट दी गई थी।

मांग पूरी नहीं हुई तो बेरोजगार रह जाएंगे सैकड़ों युवा

अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शासन ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो कोयलीबेड़ा क्षेत्र के लगभग 500 युवा रोजगार के इस अवसर से वंचित रह सकते हैं। एक ओर शासन बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने और स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भर्ती में पर्याप्त अवसर नहीं मिलने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।

अब देखना होगा कि शासन और पुलिस विभाग युवाओं की इस मांग पर कितना ध्यान देते हैं और कांकेर जिले के अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए पदों की संख्या में वृद्धि अथवा अन्य जिलों में आवेदन की अनुमति देने के संबंध में क्या निर्णय लेते हैं।

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