Pashupati Paras resigns from the post of Union Minister, says injustice done to us
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट शेयरिंग से नाराज लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के अध्यक्ष पशुपति पारस ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफा देने का ऐलान किया. पारस ने कहा कि हमारे साथ व्यक्तिगत तौर पर नाइंसाफी हुई है.
पशुपति पारस ने कहा, ”मैंने लगन और वफादारी से एनडीए की सेवा की, लेकिन मेरे साथ व्यक्तिगत तौर पर नाइंसाफी हुई. आज भी मैं पीएम मोदी का शुक्रगुजार हूं.”
पशुपति पारस ने कहा कि प्रधानमंत्री जी देश के नेता हैं और बड़े नेता है, मैं उनका धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे पांच सांसद थे और मैंने पहले ही कहा था कि एनडीए में सीट बंटवारा होने के बाद हम फैसला लेंगे। पशुपति पारस ने कहा कि मैंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को भेज दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पशुपति कुमार पारस ने कहा- ‘कैबिनेट मंत्री पद से मैं त्यागपत्र देता हूं। मेरे साथ नाइंसाफी हुई है।’ इतना कहकर वह उठकर खड़े हो गए। पत्रकारों ने जब सवाल पूछा तो खड़े-खड़े उन्होंने कहा कि जितना बोलना था कह दिया। अब आगे की राजनीति हम अपनी पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर उनसे बातचीत के बाद तय करूंगा।
17 पर BJP तो 16 पर चुनाव लड़ेगी JDU
दरअसल, बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीटों के बंटवारे का ऐलान हो चुका है. बंटवारे के तहत, बीजेपी एक बार फिर बड़े भाई की भूमिका में आ गई है. बीजेपी बिहार में 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वहीं जेडीयू के खाते में 16 सीटें आई हैं. अन्य सहयोगी दलों की बात करें तो चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 5, जीतनराम मांझी की पार्टी HAM को 1 तथा उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनता दल को एक सीट मिली है. लेकिन इसमें पशुपति पारस की RLJP को एक भी सीट नहीं दी गई है.
पशुपति पारस को लग गई थी भनक
पशुपति पारस भतीजे चिराग को बीजेपी से मिल रही तवज्जो से लगातार असहज महसूस कर रहे थे. कुछ दिन पहले उन्हें इस बात की भनक लग गई थी कि उनकी पार्टी को एनडीए में एक भी सीट नहीं मिलने जा रही है. इसके बाद पशुपति पारस ने पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई थी. बैठक के बाद उन्होंने कहा, ‘हम बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह करते हैं कि हमारे पांचों सांसदों पर विचार करें. हम सूची का इंतजार करेंगे.’



