Mohpur villagers took strict action against liquor ban
गांव में नदी किनारे शराब पीने और गंदगी फैलाने पर 5000 रुपए जुर्माना तय
दसपुर । ग्राम पंचायत मोहपुर में ग्रामीणों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए शराबबंदी और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गांव के सरपंच संदीप मंडावी की अध्यक्षता में हुई बैठक में नदी और पुल क्षेत्र में लगातार फैल रही गंदगी, शराब सेवन और बाहरी लोगों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए कड़े नियम लागू किए गए। निर्णय अनुसार अब कोई भी व्यक्ति नदी, पुल या उसके आसपास शराब पीते या गंदगी फैलाते पकड़ा जाता है तो उस पर 5000 रुपए का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
ग्राम सरपंच संदीप मंडावी ने बताया कि नदी किनारे बाहरी लोगों के द्वारा शराब पीने की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं, जिसके कारण न केवल वातावरण दूषित हो रहा था बल्कि वहां कांच की बोतलें तोड़कर असामाजिक तत्व दुर्घटनाओं को भी बढ़ावा दे रहे थे। टूटे कांच के कारण गांव के कई लोग घायल हो चुके हैं। मंडावी ने कहा कि गांव की प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए कठोर कदम उठाना जरूरी हो गया था।
ग्रामीणों ने बताया कि शहर की ओर से आने वाले कुछ लोगों द्वारा नदी के आसपास कचरा डालने की घटनाएं भी सामने आ रही थीं, जिससे नदी का पानी प्रदूषित होने लगा था। इस स्थिति ने ग्रामवासियों को गंभीर रूप से चिंतित कर दिया। गांव के युवाओं और वरिष्ठों ने मिलकर निर्णय लिया कि अब किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए गांव में साफ-सुथरी व्यवस्था बनाए रखने तथा शराबबंदी को प्रभावी बनाने हेतु नियमों को सार्वजनिक सूचना बोर्ड पर अंकित कर दिया गया है।
स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गांव में सूचना बोर्ड लगाया गया, जिससे आने-जाने वाले हर व्यक्ति को नियमों की जानकारी हो सके। इस दौरान गांव के सरपंच संदीप मंडावी, उपसरपंच कृष्णा नेताम, शीतल ध्रुव, नारद मंडावी, ईश्वर वट्टी, बजनाथ वट्टी, भागवत वट्टी, आकाश मंडावी, योगेश पोटाई, वेदप्रकाश सलाम, शिवा मंडावी, आशीष पोटाई, प्रकाश मंडावी, सुरेंद्र भास्कर, बिंदेश भास्कर, ऐतन वट्टी, अविनाश भास्कर, दुर्गेश भास्कर, वर्षेश नेताम सहित बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण उपस्थित थे।
ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छ गांव, सुरक्षित नदी और शांत माहौल बनाए रखना ही इस अभियान का उद्देश्य है। सामूहिक सहभागिता से लिए गए इस निर्णय की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस कदम से न केवल गंदगी पर रोक लगेगी बल्कि असामाजिक गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण होगा।


