Regional farmers united in their protest against the removal of Rajpur Cooperative Society Assistant Manager Rahul Dev Chauhan.
रिपोर्टर सतीश शुक्ला लैलूंगा
लैलूंगा | राजपुर सहकारी समिति में वर्ष 2022-23 के दौरान तत्कालीन प्रबंधक द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितताओं एवं शासन की करोड़ों रुपये की राशि के दुरुपयोग के प्रकरण सामने आए थे, जिसके परिणामस्वरूप समिति का खाता शासन स्तर पर सीज कर दिया गया था। यह स्थिति किसानों के हितों के लिए अत्यंत संकटपूर्ण और चिंताजनक रही।
किसानों के लगातार आग्रह पर शासन ने समिति को दुबारा क्रियाशील किया तथा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु श्री राहुल देव चौहान की नियुक्ति सहायक प्रबंधक के रूप में की गई। नियुक्ति के बाद से श्री चौहान ने शासन के निर्धारित सभी नियमों का अनुपालन करते हुए धान खरीदी कार्य को पूर्णतः व्यवस्थित, पारदर्शी एवं नियमबद्ध रूप से संचालित किया।
विशेष रूप से, उनके प्रबंधन में—
• जीरो शॉर्टेज,
• रिकॉर्ड का सही संधारण,
* किसानों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार
जैसे गुण स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुए, जिससे समिति की कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय सुधार आया।
अचानक हटाए जाने से उत्पन्न संदेह
इन सभी सकारात्मक कार्यों के बावजूद समिति अध्यक्ष श्री तिलक राम राठिया द्वारा बिना किसी ठोस, स्पष्ट एवं वैध कारण के सहायक प्रबंधक राहुल देव चौहान को पद से हटाने की कार्यवाही की गई।
जब किसानों ने अध्यक्ष से इस निर्णय का आधार पूछा, तो वे कोई संतोषजनक जवाब देने में असमर्थ रहे। इससे क्षेत्र में यह गंभीर आशंका जन्म ले रही है कि कुछ व्यक्तियों के साथ मिलकर अध्यक्ष पुनः अनियमितताओं को संरक्षण देने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे एक बार फिर किसानों को आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों की स्पष्ट मांग
क्षेत्र के समस्त किसान एकमत होकर यह मांग करते हैं कि—
1. सहायक प्रबंधक श्री राहुल देव चौहान को तत्काल प्रभाव से पुनः पदस्थापित किया जाए।
2. समिति में वर्तमान कार्यरत कर्मचारियों को यथावत रखते हुए धान खरीदी प्रक्रिया को नियमित, पारदर्शी और निर्बाध रूप से जारी रखा जाए।
3. अध्यक्ष द्वारा किए गए निर्णयों एवं समिति में संभावित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
किसानों की चेतावनी
यदि उपर्युक्त मांगों पर शीघ्र व न्यायोचित निर्णय नहीं लिया गया, तो क्षेत्र के सभी किसान बाध्य होकर—
उग्र आंदोलन, विशाल जनप्रदर्शन एवं चक्का जाम करने पर विवश होंगे।
इससे उत्पन्न किसी भी प्रकार की अव्यवस्था एवं स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी समिति अध्यक्ष एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।
समर्थनकर्ता किसान
इस निर्णय के विरोध एवं श्री राहुल देव चौहान के समर्थन में क्षेत्र के प्रमुख किसानों—
बेलाल साहू, सतीश पैंकरा, अनुकसाय, शौकिलाल, चमरू, शिवकुमार, रामेश्वर, गणेशराम, गोरखनाल चौधरी, भरतराम सिदार, सुरेंद्र सिदार, रविनारायण सिदार, राधेश्याम सिदार, प्यारेलाल, परमानंद पैंकरा, विष्णु पैंकरा, घुनेश्वर, जयनाथ, रोशन लाल पटेल, घुरसाय भगत, जीवन भगत, नंदकुमार पैंकरा, मोहरसाय पैंकरा, सिंधुराम पैंकरा, मनुराम पैंकरा, महेश्वर, दीपराज भगत, कृपाराम, चंदन राउत, रामचंद्र पैंकरा, डमरूधर, सीताराम, लोहरसाय, रवि, भक्तिराम, पंकज पैंकरा, ईश्वर प्रसाद, अर्जुन सिंह चौहान, शिवचरण, दिलराम कोटवार, तेजराम राउत, नेहरू, समारिन, चमार सिंह, पनत राम, बाबूलाल, महेश्वर भगत, पोलिना एक्का, चैतराम, हंसराम, राकेश पटेल, होलकुंवर पटेल, संदीप भगत, ठाकुर सिंह, जगमोहन भगत, जुगलाल भगत, महेंद्र भगत, नहरसाय भगत, मनीराम, साधराम, सजनसाय, गंगाबाई
तथा राजपुर सहकारी समिति के किसानों ने एकमत होकर समर्थन व्यक्त किया है।



