Sushasan Tihaar: Long queue of applicants on the last day of the first phase
अतिसंवेदनशील क्षेत्र के ग्राम अर्रा, बण्डापाल में भी उमड़े आवेदक
उत्तर बस्तर कांकेर, 11 अप्रैल 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रदेशभर में सुशासन तिहार आयोजित कर ग्रामीण एवं शहरी आवेदकों से उनकी समस्याओं व मांगों पर आधारित आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। जिले के आवेदक निर्धारित प्रारूप में अपनी शिकायतों व मांगों को लिखकर समाधान पेटी में जमा कर रहे हैं। सुशासन तिहार के अंतिम दिन आज आवेदन जमा करने के लिए आवेदकों का तांता लगा रहा।
जिले के अंतागढ़ विकासखण्ड के अंतिम छोर पर नारायणपुर जिले की सीमा पर स्थित अतिसंवेदनशील ग्राम अर्रा, बण्डापाल में भी सुशासन तिहार में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। यहां के ग्रामीण स्वयमेव ग्राम पंचायत पहुंचकर अपनी मांगों और समस्याओं से संबंधित आवेदन समाधान पेटी में जमा किया। माओवाद के दृष्टिकोण से ये गांव अतिसंवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में शासन की योजनाओं पर भरोसा जताते हुए ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपनी अर्जी जमा कराई। सुशासन तिहार की यह बड़ी कामयाबी है, जिसके तहत अतिसंवेदनशील इलाकों में निवासरत ग्रामीणों ने लोकतंत्र पर आस्था प्रकट की है।
उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आवेदन प्राप्त किए गए। इसके तहत जिले के सभी विकासखण्ड अंतागढ़, कोयलीबेड़ा, दुर्गूकोंदल, भानुप्रतापपुर, चारामा, नरहरपुर और कांकेर की सभी ग्राम पंचायतों के अलावा नगरीय निकायों में रखी गई समाधान पेटी में आवेदक अपनी शिकायतों, समस्याओं अथवा मांगों को लिखित तौर पर जमा किया। इसके दूसरे चरण में 04 मई तक प्राप्त आवेदनों का समाधान किया जाएगा तथा 05 से 31 मई तक समाधान हेतु की गई कार्यवाही की समीक्षा करने के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां मौके पर मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सहित केबिनेट मंत्री अथवा राज्य स्तर के आला अधिकारी मौजूद रहकर समाधान की गुणवत्ता परखेंगे।





