Bijapur News – CPI protests attacks on ST-SC-OBC and minorities, submits 9-point memorandum to President
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – देशभर में ST, SC, OBC और अल्पसंख्यकों पर धर्म–जाति के नाम पर बढ़ रहे हमलों की निंदा करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने आज बीजापुर में विरोध प्रदर्शन किया। CPI जिला सचिव कमलेश झाड़ी के नेतृत्व में पार्टी ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम 9 सूत्रीय ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा।
प्रेस बयान में कमलेश झाड़ी ने कहा कि“देश में भाजपा सरकार आने के बाद महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता बढ़ी है। धर्म और जाति के नाम पर भेदभाव, शोषण और हमले बढ़ना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।”उन्होंने कहा कि संविधान सभी धर्मों और समुदायों को स्वतंत्रता देता है, लेकिन भाजपा–RSS की पूंजीवादी–फासीवादी नीतियां समाज में विभाजन बढ़ा रही हैं। बस्तर में जल–जंगल–जमीन पर ख़तरा – CPI कमलेश झाड़ी ने विशेष रूप से बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि— बस्तर ST–SC बहुल क्षेत्र है, जहां संविधान ने विशेष अधिकार दिए हैं। फिर भी यहां के जल–जंगल–जमीन पर बड़े पूंजीपतियों और कंपनियों की नजर है, जिससे मूलवासी जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह गतिविधियां आने वाले समय में बस्तर की संस्कृति, संसाधनों और आदिवासी समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। CPI ने मांग की कि इन स्थितियों पर तत्काल रोक लगाई जाए और संवैधानिक प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाए।
CPI की मुख्य मांगें ST–SC–OBC और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोकने के लिए ठोस कदम, बस्तर में जल–जंगल–जमीन की सुरक्षा, पूंजीपतियों और कंपनियों द्वारा संसाधनों के दोहन पर नियंत्रण, संविधान के विशेष प्रावधानों का पालन
(कुल 9 सूत्रीय मांगें) ज्ञापन सौंपने के दौरान CPI जिला सचिव कमलेश झाड़ी, सह सचिव कोवाराम हेमला, जेम्स कुड़ियांम, हीरमा, इशांताराव, राजेश, मोतीराम, नर्वेश सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



