हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) सर्विक्स में होने वाला गंभीर कैंसर होता है। वहीं, सर्विक्स गर्भाशय का सबसे निचला भाग होता है। इसे गर्भाशय ग्रीवा भी कहते हैं। ये शरीर का वो हिस्सा है, जो योनि यानी वेजाइना को गर्भाशय से जोड़ने का काम करता है। आसान भाषा में समझें तो, आपकी बॉडी के किसी भी हिस्से में कोशिकाओं का अनियंत्रित तरीके से बढ़ना कैंसर कहलाता है। वहीं, जब ये कोशिकाएं, सर्विक्स एरिया में बढ़ने लगती हैं, तो इसे सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है।
क्यों होता है सर्वाइकल कैंसर?
एक्सपर्ट्स ह्यूमन पेपिलोमावायरस (Human Papillomavirus) को सर्वाइकल कैंसर का कारण बताते हैं। वहीं, शरीर में इस वायरस के फैलने का सबसे बड़ा कारण असुरक्षित और अनेक यौन संबंध बनाना है। यहां भी आसान भाषा में समझें तो ये वायरस असुरक्षित वेजाइनल, एनल और ओरल यौन संबंध बनाने के दौरान फैल सकता है और समय के साथ कैंसर का कारण बनने लगता है।
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
- पीरियड्स के बीच असामान्य रक्तस्राव
- संभोग के बाद रक्तस्राव होना
- मासिक धर्म में रक्तस्राव जो लंबे समय तक रहता है या सामान्य से अधिक भारी होता है
- रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव
- पेल्विस या पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहना
- पेशाब करते समय दर्द या बेचैनी
- महत्वपूर्ण और अस्पष्टीकृत वजन में कमी
- लगातार थकान और ऊर्जा की कमी
- पेट में दिक्कतें जैसे कब्ज या दस्त
- लगातार थकान और ऊर्जा की कमी
इस बीमारी से ऐसे होगा बचाव
एचपीवी के खिलाफ टीकाकरण और नियमित जांच इस बीमारी से बचा सकती है. इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने करने के लिए टीकाकरण जरूरी है. प्रारंभिक चरण में इस रोक को पकड़कर मरीज की जान बचाई जा सकती है. जोखिम कारकों और लक्षणों को समझने के साथ-साथ इन निवारक उपायों के महत्व के बारे में जागरूक करना जरूरी है.
- सर्वाइकल कैंसर से बचने का सबसे असरदार तरीका है, यौन रूप से सक्रिय होने से पहले, आमतौर परकिशोरावस्था के दौरान, पुरुषों और महिलाओं दोनों को एचपीवी वैक्सीन लगवाना।
- कैंसर का कारण बनने वाले एचपीवी को फैलने से रोकने के लिए जरूरी है कि आप सुरक्षित यौन संबंध बनाएं।
- सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट आदि करवाते रहें।



