फैसले की समस्त कांकेर जिले में सराहना की जा रही है
कांकेर । अधिकतर फाइनेंस कंपनियों द्वारा अपने उपभोक्ताओं को कर्ज तो आराम से दे दिया जाता है लेकिन वसूली जालिम जमींदारी तरीके से की जाती है। यहां तक कि नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए वाहनों को खींचकर ले जाया जाता है और बेच भी दिया जाता है। ऐसे ही एक मामले में जिला कांकेर उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्षा सुजाता जसवाल तथा सदस्य डाकेश्वर सोनी द्वारा पीड़ित उपभोक्ता मानकराम मंडावी ग्राम किशनपुरी तहसील नरहरपुर निवासी को न्याय दिलाया गया है। प्रकरण इस प्रकार है कि मानक राम मंडावी ने 31 अगस्त 2017 को महिंद्रा ट्रैक्टर कीमत रुपए 7 लाख में से 1,80,000 रुपए नगद भुगतान कर शेष रकम को उक्त वाहन के बंधक पर 5,20,000 फाइनेंस चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी से लिया था। निर्धारित 10 किस्तों में से सात उसने कंपनी को चुका भी दी लेकिन विश्व व्यापी महामारी के कारण बाकी तीन किस्तें चुकाने में देर होती गई। नियमानुसार 28 जुलाई 2022 तक किस्त अदा करने का समय था उसके बावजूद समय से पहले ही 12 दिसंबर 2021 को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी वालों ने उक्त ट्रैक्टर को जबरन गाली गलौज ,धक्का मुक्की मारपीट करके खींचकर अपने आधिपत्य में रख लिया और इस विषय में ना कोई नोटिस दिया गया और ना बाद में कोई ज़ब्ती का प्रमाण पत्र दिया। यह सब प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। यही नहीं, सुनने में आया कि उन्होंने ट्रैक्टर किसी अन्य पार्टी को दे भी दिया है। फरियादी ने रजिस्टर्ड नोटिस भेजा, जिसका कोई जवाब देना चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी ने आवश्यक नहीं समझा बल्कि शेष रकम की वसूली के लिए लगातार नोटिस फरियादी को देते आ रहे हैं । ट्रैक्टर के मूल समस्त कागजात भी कंपनी के ही पास हैं। परेशान फरियादी ने उपभोक्ता आयोग कांकेर में धारा 35 के तहत शिकायत पत्र पेश किया तथा अन्य आवश्यक कागज़ पत्र भी पेश किया। संपूर्ण मामले पर गहन विचार विमर्श के पश्चात उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने माना कि उपभोक्ता के साथ अन्याय हुआ है और आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में आदेश दे दिया कि फाइनेंस कंपनी ट्रैक्टर तथा उसके मूल दस्तावेज वापस करें अथवा कुल राशि 7 लाख रुपए आदेश दिनांक से एक माह के भीतर संपूर्ण रकम अदायगी तक 7% वार्षिक ब्याज भी अदा करें। इसमें विलंब होने पर ब्याज की दर 9% कर दी जाएगी। फरियादी को ट्रैक्टर जब्त होने के कारण कृषि कार्य में हुई आर्थिक क्षति हेतु 20,000 की राशि एक माह के अंदर प्रदान करें। इसके अलावा मानसिक पीड़ा एवं परेशानी के संबंध में क्षतिपूर्ति राशि 10,000 भी प्रदान करें एवं मुकदमे का हरजा खर्चा 5000 भी प्रदान करें। उपभोक्ता आयोग के इस फैसले की समस्त कांकेर जिले में सराहना की जा रही है।..



