हत्या की घटना में संलिप्त 06 आरोपियों पर की गई कार्यवाही
घटना में प्रयुक्त पिस्टल, गंडासा, दोपहिया वाहन, आरोपियों के मोबाईल आदि को किया गया जप्त।
नारायणपुर : कांग्रेस नेता विक्रम बैस हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. पुलिस ने हत्या के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जबकि साजिशकर्ता मनीष राठौर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. आरोपी मनीष राठौर नारायणपुर ठेकेदार संघ का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है. पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की है. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार, वाहन भी जब्त किए हैं. इसके साथ ही पुलिस ने छापामारी में पत्रकारों के भेजे गए धमकी भरे खत भी बरामद किए हैं.
24 घंटे के अंदर खुलासा: आपको बता दें कि पुलिस ने हत्या के 24 घंटे के अंदर इसका खुलासा कर दिया है. नारायणपुर पुलिस ने दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर पुलिस की मदद ली. 13 मई की रात को कांग्रेस नेता विक्रम बैस की हत्या हुई थी. एसपी प्रभात कुमार ने घटना में शामिल छह आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया. एसपी के मुताबिक इस हत्याकाडं को नक्सली साजिश की तरह पेश करने की कोशिश की गई. इसके अलावा सभी आरोपी पत्रकारों को नक्सलियों के नाम पर धमकी देकर वसूली करने में भी संलिप्त रहे हैं.
मनीष राठौर मुख्य आरोपी : मामले में बारीकी से पूछताछ,सीसीटीवी फुटेज और सायबर एनालिसिस के आधार पर मनीष राठौर निवासी नारायणपुर का नाम सामने आया था. मनीष राठौर, जसप्रीत सिंह सिद्धू, विश्वजीत नाग, विप्लव और विवेक अधिकारी ने डेढ़ माह पहले हत्या की साजिश रची थी. इसके लिए भिलाई इंडियन कॉफी हाउस में आरोपियों ने मीटिंग की थी. पिस्टल खरीदने और मर्डर की प्लानिंग के लिए मनीष राठौर, विश्वजीत नाग, राजीव रंजन, यति उर्फ राजू उर्फ बिहारी, संदीप यादव उर्फ संजू और सैमुअल उर्फ रायनुन्तलम के साथ मीटिंग की गई.
सिवान से लाया गया था पिस्टल: हत्या में इस्तेमाल पिस्टल बिहार के सिवान से लाया गया था. घटना को अंजाम देने के पहले दो दिनों तक आरोपियों ने विक्रम बैस की रेकी की. घटना के दिन विक्रम बैस को अकेला पाकर आरोपी संजू यादव और विश्वजीत नाग ने पहले उस पर गड़ासा से वार किया. इसके बाद तीन गोलियां चलाकर हत्या कर दी. हत्या के बाद पिस्टल को मनीष राठौर के गोदाम में छिपा दिया गया था.
“घटना में कांग्रेस नेता विक्रम बैस को पहले धारदा हथियार से सिर वाले हिस्से में वार किया गया. इसके बाद बंदूक से गोली मारी गई और सभी आरोपी बाइक वाहन में सवार होकर मौके से भाग निकले. इस घटना को पुलिस ने दो दिनों में सुलझा लिया. मुख्य आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें बनाकर रवाना किया गया है.”- प्रभात कुमार, एसपी नारायणपुर
कैसे पकड़े गए आरोपी ?: प्रकरण में दुर्ग, रायपुर एवं बिलासपुर की एसीसीयू टीम की सहायता से आरोपियों के संबंध में जानकारी इकट्ठा की गई. इसी आधार पर अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है. इस दौरान जिले में पत्रकारों को धमकी देने के मामले का भी खुलासा हुआ. जिसमें मनीष राठौर ने धमकी भरे पत्र लिखकर लोगों को धमकाने का भी मामला खुला जिसमें विश्वजीत नाग ने धमकी भरे खतों को पोस्ट किया. किशोर आर्या परिवहन संघ अध्यक्ष को धमकी भरा पत्र लिखा गया. नक्सलियों के नाम पर धमकी भरे बैनर और पत्र भेजकर लोगों को आतंकित करने का काम भी इसी गैंग ने किया था.
कौन था विक्रम बैस: कांग्रेस नेता विक्रम बैस ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष के पद पर था. इसके अलावा नारायणपुर परिवहन संघ का सचिव था. बताया जा रहा है कि आरोपी मनीष राठौड़ और विक्रम बैस के बीच किसी निजी मामले को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद मनीष ने विक्रम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. बीते सोमवार 13 मई को नारायणपुर के बखरुपारा में रात 10 बजे की बाइक सवार कुछ लोगों ने विक्रम बैस पर पहले धारदार हथियार से हमला किया. इसके बाद तीन गोलियां मारी. जिसमें दो गोली सिर और एक कमर में लगी. हॉस्पिटल में जब विक्रम को भर्ती कराया गया तो इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.



