Bullion trader accuses them of fraud, Shilpa Shetty and Raj Kundra in trouble, court orders investigation
बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा और उनके बिजनेसमैन पति राज कुंद्रा एक बार फिर चर्चा में हैं। मुंबई के सेशन कोर्ट ने दोनों के खिलाफ एक सर्राफा व्यापारी द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने प्रथम दृष्ट्या संज्ञेय अपराध मानते हुए पुलिस को जांच करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
सर्राफा व्यापारी पृथ्वीराज सरेमल कोठारी ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। कोठारी का दावा है कि 2014 में शिल्पा और राज की कंपनी सतयुग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड ने एक स्कीम शुरू की थी, जिसके तहत निवेशकों को रियायती दर पर गोल्ड खरीदने का मौका दिया गया था। स्कीम के मुताबिक, निवेशकों को मेच्योरिटी डेट पर तय मात्रा में गोल्ड देने का वादा किया गया था।
वादे के बावजूद नहीं मिला गोल्ड
कोठारी ने आरोप लगाया कि शिल्पा और राज ने उन्हें समय पर गोल्ड देने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद उन्होंने स्कीम में 90 लाख रुपये का निवेश किया। इसके तहत, उन्हें 2 अप्रैल 2019 को 5000 ग्राम 24 कैरेट सोना देने का वादा किया गया था। हालांकि, 5 साल पूरे होने के बावजूद उन्हें सोना नहीं मिला।
कोर्ट की टिप्पणी और आदेश
सेशन कोर्ट के जज एनपी मेहता ने कोठारी की शिकायत में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्ट्या सही मानते हुए बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो आईपीसी की सभी आवश्यक धाराओं के तहत FIR दर्ज की जाए और उचित कार्रवाई की जाए।
पुलिस की कार्रवाई
मलाड पुलिस का कहना है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रथम दृष्ट्या संज्ञेय अपराध मानते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए मामले की पूरी जांच की जाएगी।
शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पहले भी रहे विवादों में
शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा इससे पहले भी कई विवादों में फंसे चुके हैं। इससे पहले भी उन पर विभिन्न आरोप लगे हैं और वे कई बार कानूनी पचड़ों में फंसे हैं। इस मामले में आगे की जानकारी के लिए पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की त्वरित कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है। जनता को इस मामले में सही और निष्पक्ष जांच की उम्मीद है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और न्याय हो सके।
आरोप सही साबित होने पर होगी कार्रवाई
सेशन कोर्ट के जज एनपी मेहता ने सर्राफा व्यापारी पृथ्वीराज सरेमल कोठारी की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने के लिए बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) को निर्देश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा है कि अगर जांच के बाद आरोप सही साबित होता है तो पुलिस इस मामले में आईपीसी की सभी आवश्यक धाराओं के तहत FIR दर्ज करे और अभिनेत्री और उनके पति के खिलाफ सही जांच करे।
कोर्ट ने दिए जांच के आदेश
कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपियों द्वारा कोई संज्ञेय अपराध किया गया है तो पुलिस दोनों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई कर सकती है। शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा को सतयुग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का संस्थापक बताया जाता है और कोठारी की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील ने कहा कि 2014 में एक स्कीम शुरू की गई थी, जिसके तहत इन्वेस्ट करने के इच्छुक व्यक्तियों को इसके लिए आवेदन करते समय रियायती दर पर गोल्ड को पूरा भुगतान करना होगा और मेच्योरिटी डेट पर उसे तय मात्रा में गोल्ड दिया जाएगा।
सर्राफा व्यापारी के वकीलों ने क्या कहा?
पीड़ित सर्राफा व्यापारी के वकीलों का कहना है कि ऐसी स्कीम के बारे में पढ़ने से ही साफ हो जाएगा कि गोल्ड संबंधित निदेशक को दिया जाएगा, फिर बाजार में चाहे उस दौरान कीमत कुछ भी हो, जो यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि ऐसी कोई गारंटी थी, जिसके आधार पर ऐसी स्कीम बनाई गई थी।
5 साल पूरे होने पर भी नहीं मिला सोना
कथित तौर पर शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा ने कोठारी से मुलाकात करके उन्हें समय पर गोल्ड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। दोनों के आश्वासन पर कोठारी ने स्कीम में 90 लाख इन्वेस्ट किए थे। इसके तहत, 2 अप्रैल 2019 को 5 साल पूरे होने पर उन्हें 5000 ग्राम 24 कैरेट सोना देने का वादा किया गया था। उनसे कहा गया था कि चाहे बाजार में कीमत कुछ भी हो, उन्हें सोना उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन 5 साल पूरे होने पर शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की कंपनी ने अपना वादा पूरा नहीं किया और ना ही कोठारी को उनकी कंपनी से गोल्ड मिला। हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा किसी विवाद में फंसे हों, इससे पहले भी अभिनेत्री और उनके बिजनेसमैन पति का नाम कई विवादों में रह चुका है।



