China and Pakistan are getting restless, India and Spain are working together on this project,
भारतीय नौसेना स्पेन में प्रोजेक्ट 75 के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों का जून के अंत तक ट्रायल करेगी। इस परियोजना के तहत भारत को छह अत्याधुनिक पनडुब्बियां मिलेंगीं। स्पेन की फर्म नवनतिया ने भारतीय नौसेना के लिए एस80 पनडुब्बी को डिजायन किया है। यह सबमरीन 2023 में ही स्पेन की नौसेना में शामिल की जा चुकी है।
स्पेन के शिपयार्ड नवनतिया के चेयरमैन रिचर्ड डोमनीज गार्सिया बक्यूरो ने सोमवार को बताया कि स्पेन की सरकार और नौसेना पी75(1) परियोजना की प्रगति के लिए उत्सुक है और हरसंभव तरीके से इसका समर्थन करेगी।
विश्व स्तरीय एआइपी तकनीक भारतीय नौसेना को मिलेगी
भारतीय नौसेना के फील्ड ट्रायल की योजना जून के पिछले हफ्ते में नवनतिया के शिपयार्ड कार्टाजेना में बनी। उन्होंने बताया कि उनके साझीदार एलएंडटी भी पूरी तरह से इन परीक्षणों के लिए तैयार हैं। हम हमारी विश्व स्तरीय एआइपी तकनीक भारतीय नौसेना को देंगे। नवनतिया के चेयरमैन बक्यूरो ने बताया कि भारत अत्याधुनिक परंपरागत छह पनडुब्बी एआइपी प्रणाली से लैस है।
इस तकनीक से क्या-क्या होगा फायदा
इस तकनीक से वह लंबे समय तक पनडुब्बियों को पानी के अंदर रख सकेगा। एलएंडटी व नवनतिया मिलकर जर्मन थायसेनक्रुप मरीन सिस्टम व मझगांव डाकयार्ड लिमिटेड मिलकर इस 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजना की दौड़ में हैं। एस80 डिजाइन में भारतीय नौसेना को समकालीन विशेषताओं और अत्याधुनिक तकनीकों से लैस तकनीकें दी हैं।
एलएंडटी और नवनतिया से करार
इसमें तीसरी पीढ़ी का बीईएसटी एआइपी (बायोएथनाल स्टील्थ टेक्नोलाजी) और एडवांस सेंसर सूट शामिल हैं। इस परियोजना के लिए एलएंडटी और नवनतिया ने लीथियम आयन बैट्री तकनीक में साझेदारी का करार किया है। बक्यूरो ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में स्पेन की सरकार के अधिकारियों ने भारतीय अफसरों से इस संबंध में मुलाकात की है। साथ ही इस प्रोजेक्ट के लिए प्रतिबद्धता जताई है।
भारत सरकार के साथ अनुबंध पर होंगे हस्ताक्षर
नवंतिया के चेयरमैन रिकार्डो डोमिंगुज गार्सिया बाकुएरो का कहना है कि स्पेन की सरकार और नौसेना पी75आई को लेकर काफी उत्साहित है और हर तरह से इस प्रोजक्ट में भारत की मदद करना चाहती है। इस योजना के तहत भारत सरकार के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। नवंतिया के प्रमुख ने कहा कि जून के आखिरी सप्ताह से भारतीय नौसेना कार्टाजेना के पोत कारखाने में वायु स्वतंत्र प्रणोदन (एआईपी- Air Independent Propulsion) परीक्षण की शुरुआत करेगी।
नौसेना के बेड़े में शामिल होंगी छह पनडुब्बियां
रिकार्डो डोमिंगुज ने आगे कहा कि इस परीक्षण में उनका साथ लार्सन एंड टर्बो (एल एंड टी) कंपनी देगी। परीक्षण के दौरान भारतीय नौसेना को विश्व स्तर की एआईपी तकनीक की जानकारी दी जाएगी। आगे बताया गया कि भारतीय नौसेना एआईपी तकनीक से सुसज्जित छह पनडुब्बियों का अधिग्रहण करेगी। इस तकनीक की मदद से पनडुब्बियां लंबे समय तक पानी के भीतर रह सकती हैं। भारतीय नौसेना के पास इससे पहले एआईपी सिस्टम वाली पनडुब्बियां नहीं थीं।
करीब 60 हजार करोड़ की इस परियोजना में एल एंड टी और नवंतिया के साथ जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स और भारत की मझगांव डॉकयार्ड्स लिमिटेड भी शामिल हैं। नवंतिया ने भारतीय नौसेना की परियोजना के लिए एस-80 पनडुब्बी के डिजायन की पेशकश की है। इनमें से एक पनडुब्बी वर्ष 2024 में स्पेनिश नौसेना में शामिल हो चुकी है। नवंतिया ने दावा किया कि S80 की खास बात यह है कि यह बिना किसी पुनर्निमाण की आवश्यकता के पी75(आई) की तकनीक आवश्यकताओं को आसानी से पूरा करती है।



