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इस खिलाड़ी ने खोल दिया बड़ा राज,Gautam Gambhir की कोचिंग स्टाइल को लेकर,टीम इंडिया को किया आगाह

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This player revealed a big secret, warned Team India about Gautam Gambhir’s coaching style

नई दिल्ली। राहुल द्रविड़ के जाने के बाद टीम इंडिया को नया हेड कोच मिल गया है। गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट टीम का नया कोच बनाया गया है और वह श्रीलंका दौरे से इस जिम्मेदारी को संभालेंगे। टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप जीती है और उम्मीद की जा रही है कि द्रविड़ ने जिस मुकाम तक टीम को पहुंचाया था गंभीर उससे आगे ले जाएंगे और भारत को आईसीसी ट्रॉफीज दिलाएंगे। गंभीर आक्रामक खिलाड़ी रहे हैं। ऐसे में वह बतौर टीम इंडिया के कोच कैसा काम करेंगे इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस बीच गंभीर के बारे में उनकी कोचिंग में खेल चुके आवेश खान ने बड़ा खुलासा किया है।

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गंभीर आईपीएल में लखनऊ सुपरजायंट्स के मेंटॉर थे। उन्होंने 2022 और 2023 आईपीएल में ये जिम्मेदारी संभाली थी। आवेश 2022 में लखनऊ के साथ ही थे। ऐसे में वह जानते हैं कि बतौर कोच या मेंटॉर गंभीर का रवैया कैसा रहता है और वह किस तरह से खिलाड़ियों को संभालते हैं। गंभीर की मेंटॉरशिप में ही कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल-2024 का खिताब जीता था।

इस पर रहता है ध्यान

आवेश ने बीसीसीआई से बात करते हुए कहा कि गंभीर का ध्यान खिलाड़ियों से उनका बेहतर निकलवाने पर रहता है। आवेश ने कहा, “मैंने जो भी उनसे सीखा वो माइंडसेट को लेकर था। उनका ध्यान इस बात पर रहता था कि आपको अपने विपक्षी से आगे रहना है और अपना 100 फीसदी देना है।”

कम बोलते हैं गंभीर

आवेश ने कहा कि गंभीर कम बोलते हैं, लेकिन अपनी बात को अच्छे से कन्वे करते हैं। आवेश ने कहा, “टीम बैठक में, या जब वह खिलाड़ियों से वन टू वन बात करते हैं, तब भी वह कम ही बोलते हैं, लेकिन वह अपनी बात को अच्छे से कन्वे कर देते हैं कि क्या करना है। वह खिलाड़ियों को टास्क असाइन करते हैं और उनको उनका रोल बताते हैं। वह टीम कोच हैं। वह चाहते हैं कि हर कोई अपना 100 फीसदी दे और टीम जीते।”

‘गंभीर हमेशा टीम कोच रहे हैं’

इस तेज गेंदबाज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शनिवार को होने वाले चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच से पहले बीसीसीआई से कहा, मैंने गंभीर से जो कुछ भी सीखा, वह इस मानसिकता के बारे में है कि आपको हमेशा अपने प्रतिद्वंद्वी से बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए और अपना शत प्रतिशत योगदान देना चाहिए। वह टीम बैठकों और आमने-सामने की बातचीत में बहुत कम बोलते हैं लेकिन क्या करना है इसको लेकर अपनी बात स्पष्ट रूप से रखते हैं। वह आपके सामने कुछ चुनौती रखते हैं और खिलाड़ियों को भूमिकाएं सौंपते हैं। वह हमेशा टीम कोच रहे हैं। गंभीर हर हाल में जीतना चाहते हैं और वह चाहते हैं कि हर खिलाड़ी अपना शत प्रतिशत योगदान दें।

उन्होंने कहा, हम यहां अलग-अलग विकेट पर खेले हैं। हमने पहले दो मैच एक ही विकेट पर खेले थे। पहले मैच में उससे अच्छी उछाल मिल रही थी लेकिन दूसरे मैच में वह सपाट हो गया था। परिस्थितियां अच्छी हैं और क्योंकि यह मैदान खुला है इसलिए गेंद थोड़ा स्विंग भी हो रही है। मैच दिन में खेले जा रहे हैं, इसलिए कभी-कभी विकेट शुष्क हो जाता है लेकिन एक गेंदबाज होने के नाते आपको हर तरह की स्थिति के लिए तैयार होना चाहिए। मैं हमेशा अपनी टीम के लिए विकेट लेने का प्रयास करता हूं। यहां सीमा रेखा काफी दूर है जो गेंदबाजों के लिए अच्छा है।

मोर्केल को अच्‍छा तकनीकी अनुभव

2018 में 39 साल की उम्र में संन्यास लेने के बाद, मोर्ने मोर्केल खेल की नई तकनीकों से अच्छी तरह वाकिफ हैं और उनसे अपडेट रहते हैं। गेंदबाजी कोच पद के लिए कई नाम सामने आए हैं, जिनमें लक्ष्मीपति बालाजी और विनय कुमार शामिल हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बीसीसीआई इस पद के लिए जहीर खान पर विचार कर रहा है। हालांकि अभी अंतिम फैसला होना बाकी है, लेकिन ऐसा लगता है कि भारतीय बोर्ड जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंच सकता है।

 

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