Budget 2024: This time the budget is special for farmers, the government’s emphasis is on natural farming and increasing productivity
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कृषि क्षेत्र पर फोकस बढ़ाने की बात कही है। सरकार का जोर खासतौर पर नेचुरल फार्मिंग पर होगा। खेती में रिसर्च को ट्रांसफॉर्म करना, एक्सपर्ट की निगरानी, जलवायु के मुताबिक नई वेरायटी को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
इसके साथ ही नेचुरल फॉर्मिंग से अगले एक साल में एक करोड़ किसान जुड़ेंगे। सरकार दाल और तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर देगी। इसके लिए प्रोडक्शन, स्टोरेज और मार्केटिंग पर फोकस बढ़ाया जाएगा। सरकार खासतौर पर सरसों, मूंगफली, सनफ्लॉवर और सोयाबीन जैसी फसलों के उत्पादन पर ध्यान देगी।
इन खास पहलूओं पर ध्यान
वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा कि सरकार दालों के उत्पादन, भंडारण और विपणन को मजबूत करेगी। सरकार झींगा पालन और विपणन के लिए वित्त मुहैया कराएगी।
सरकार मौसम की मार से कम प्रभावित होने वाली फसलो की वेराइटी को लाएगी। इसमें 32 फसलों की 109 वेरायटी लाई जाएगी
वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा कि समर्थ-आधारित किसान क्रेडिट कार्ड पांच राज्यों में शुरू किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि सब्जियों की पैदावार बढ़ाने के लिए क्लस्टर स्कीम लाई जाएगी।
सरकार नेचुरल फार्मिंग की ओर कदम बढ़ा रही है और अगले एक साल में एक करोड़ किसान जुड़ेंगे। इससे बेहतर कृषि
प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा और रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी।
सरकार का मानना है कि नेचुरल फार्मिंग न केवल मिट्टी के स्वास्थ्य और जैव विविधता को बढ़ाती है। इसके अलावा
किसानों के लिए खेती की लागत को भी कम करती है।
नए वित्त वर्ष में 400 जिलों में खरीफ फसलों का डिजिटल रूप से सर्वे किया जाएगा।
इसके अलावा श्रिंप प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
सरकार कृषि और सहायक क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का फंड ला रही है।
इस बार के बजट में किसानों को यह मिला
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में केंद्रीय बजट 2024 को पेश किया। इस साल के बजट में किसानों का खास ध्यान रखा है और किसानों की कमाई में इजाफा करने के लिए कई कदम उठाए गए। बजट में किसानों और कृषि क्षेत्र के 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस फंड से कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। इस दौरान निर्मला सीतारमण के पिटारे से किसानों के लिए कई योजनाएं निकली हैं। बजट 2024 में केंद्रीय सरकार का फोकस कृषि के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कृषि में तकनीक को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती की ओर किसानों का रूझान बढ़ाने पर रहा है। हालांकि, बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी और एमएसपी को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई हैं।
किसानों के लिए खुला सरकार का पिटारा
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई): देश के 400 जिलों में डीपीआई का उपयोग करते हुए खरीफ फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण किया जाएगा
पांच राज्यों में जन समर्थ आधारित किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
झींगा मछली ब्रूडस्टॉक के लिए केन्द्रीकृत प्रजनन केंद्रों का नेटवर्क स्थापित करने हेतु वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वृद्धि और रोजगार सृजन में तेजी लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सहयोग नीति तैयार की जाएगी
किसानों के लिए 32 कृषि और बागवानी में फसलों की 109 उच्च-पैदावार और जलवायु-अनुकूल किस्में जारी की जाएंगी
क्रियान्वयन में सहायता के लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे
देश भर में 1 करोड़ किसानों को प्रमाणीकरण और ब्रांडिंग के माध्यम से प्राकृतिक खेती की शुरुआत की जाएगी।
आइए जानें अंतरिम बजट में क्या एलान किए गए थे
अंतरिम बजट में वित्त मंत्री ने फसल कटाई के बाद की गतिविधियों में निजी और सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देने का एलान किया था।
इसके साथ ही सभी कृषि-जलवायु क्षेत्रों में नैनो-डीएपी के इस्तेमाल के विस्तार की बात कही गई थी।
तिलहनों के लिए आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए ‘आत्मनिर्भर तिलहन अभियान’ शुरू करने का एलान किया गया था।
डेयरी विकास के लिए व्यापक कार्यक्रम बनाने की बात भी वित्त मंत्री ने की थी।
जलीय कृषि उत्पादकता बढ़ाने, निर्यात दोगुना करने और अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रधानमंत्री
मत्स्य सम्पदा योजना के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने की चर्चा की गई।
मत्स्य पालन के क्षेत्र के लिए पांच एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित करने का भी एलान वित्त मंत्री ने किया था।
क्या किसानों को सालाना छह हजार रुपये की जगह मिलेंगे आठ हजार?
बजट में केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ा एक बड़ा एलान कर सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत देश के गरीब किसानों को हर साल छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उम्मीद है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत मिलने वाली सालाना छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता को बढ़ाकर आठ हजार रुपये किया जा सकता है। आज के समय जिस तेजी से महंगाई की रफ्तार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार के इस कदम से देश के करोड़ों किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।



