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Delhi Riots: वंदे मातरम गाने को मजबूर किए पुलिस कस्टडी में, युवक की मौत मामले में जांच करेगी CBI, हाईकोर्ट का आदेश

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Delhi Riots: CBI will investigate the case of youth forced to sing Vande Mataram death in police custody, High Court orders

नई दिल्ली। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान वंदे मातरम गाने के लिए दिल्ली पुलिसकर्मियों द्वारा मजबूर करने के दौरान हुई 22 वर्षीय युवक फैजान की मौत मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है। अदालत ने फैजान की मां द्वारा मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर अपना निर्णय सुनाया।

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न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 12 जुलाई को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। इस घटना एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसमें फैजान को वंदे मातरम गाने के लिए मजबूर करते हुए चार अन्य लोगों के साथ पुलिस द्वारा पीटते हुए देखा गया था।

फैजान की मां ने लगाए ये आरोप

फैजान की मां ने याचिका दायर कर कहा था कि दिल्ली पुलिस ने उनके बेटे को अवैध रूप से हिरासत में लिया था और उसे स्वास्थ्य देखभाल से वंचित कर दिया था। इसके कारण 26 फरवरी 2020 को उसकी मौत हो गई थी।

थाने की रिहाई से 24 घंटे के भीतर मौत

फैजान की ज्योति नगर पुलिस स्टेशन से रिहाई के 24 घंटे के भीतर शहर के जीटीबी अस्पताल में मौत हो गई। फैजान की मां ने अदालत से कहा था कि उनके बेटे की मौत एक घृणा अपराध और हिरासत में हत्या है। यह भी कहा था कि उनके बेटे को उसके धर्म के कारण निशाना बनाया गया।

अवैध रूप से हिरासत में लेने का आरोप

फैजान की मां ने याचिका दायर कर कहा था कि दिल्ली पुलिस ने उनके बेटे को अवैध रूप से हिरासत में लिया था और उसे स्वास्थ्य देखभाल से वंचित कर दिया था। इसके कारण 26 फरवरी 2020 को उसकी मौत हो गई थी। फैजान की ज्योति नगर पुलिस स्टेशन से रिहाई के 24 घंटे के भीतर शहर के जीटीबी अस्पताल में मौत हो गई।

‘धर्म के कारण बनाया निशाना’

फैजान की मां ने अदालत से कहा था कि उनके बेटे की मौत एक घृणा अपराध और हिरासत में हत्या है। यह भी कहा था कि उनके बेटे को उसके धर्म के कारण निशाना बनाया गया।

मां ने की थी SIT जांच की मांग

बार एंड बेंच के मुताबिक, किस्मातुन ने याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया था कि कर्दमपुरी में पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे फैजान को बुरी तरह पीटा। उसे चिकित्सा सुविधा नहीं दी, जिससे उसकी हिरासत में मौत हो गई।
मामले में किस्मातुन ने विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की थी और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की थी।
याचिका में पुलिस पर जांच में हेराफेरी का आरोप लगाया गया था।

क्या है फैजान की मौत का पूरा मामला?

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्व दिल्ली के कई इलाकों में लगातार 3 दिन दंगे हुए थे, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई और 500 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस दौरान दंगाइयों ने घरों, दुकानों और वाहनों में आग लगाई थी।
दंगों के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल युवकों पर वंदे मातरम और राष्ट्रगान गाने का दबाव बना रहे थे।
घायलों में फैजान भी शामिल था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी।

 

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