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Banthra Murder Case: एक और ह‍िरासत में, बंथरा हत्‍याकांड में, अन्य आरोप‍ियों की तलाश में जुटी पुल‍िस

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Banthra Murder Case: Another person in custody, police searching for other accused in Banthra murder case

लखनऊ। बंथरा गांव में बिजली के विवाद में हुई पूर्व सभासद प्रत्याशी के बेटे ऋतिक की हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार तड़के एक और को हिरासत में लिया है। वहीं अन्य की तलाश में अबतक 15 स्थानों पर दबिश दी जा चुकी है। यही नहीं इस हत्याकांड में बुधवार तक इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं।
एसीपी कृष्णानगर विनय द्विवेदी ने बताया कि ऋतिक की हत्या में एक आरोपित की अज्ञात में शिनाख्त कर प्रदीप सिंह को बुधवार को गिरफ्तार किया था। वहीं गुरुवार सुबह गांव वालों के बयान के आधार पर एक और को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अगर हत्या में शामिल होगा तो उससे भी शामिल किया जाएगा। वहीं, मुख्य आरोपियों की तलाश में 15 से ज्यादा स्थान उन्नाव, कानपुर समेत अन्य पड़ोसी जनपदों में दबिश दे रही है।

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गांव में पुल‍िस बल तैनात

इसके अलावा आरोपितों के रिश्तेदारों से पुलिस टीम पूछताछ कर रही है। आरोपितों के कुछ रिश्तेदार उन्नाव और कानपुर में रहते हैं। वहीं, घटना को लेकर तनाव को देखते हुए बंथरा गांव में पुलिस बल अभी भी तैनात है।
जांच में पता चला कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी इंस्पेक्टर मामला दबाए रहे उन्होंने उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी नहीं दी थी। यह भी ऋतिक के परिवारीजन जब घटना की तहरीर लेकर थाने पहुंचे तो मामला इंस्पेक्टर की जानकारी में होने के बाद भी मुकदमा नहीं दर्ज किया गया था।

जांच में यह भी सामने आया है कि सिपाही यतेंद्र सिंह आरोपितों के संपर्क में था। इसकी जानकारी भी इंस्पेक्टर को थी। इसके बाद भी उन्होंने सिपाही पर कार्रवाई नहीं की थी। इस मामले में मंगलवार को पुलिस उपायुक्त दक्षिणी तेज स्वरूप सिंह ने एसीपी कृष्णानगर विनय द्विवेदी की रिपोर्ट पर दारोगा सुभाष यादव, सुशील यादव और सिपाही यतेंद्र सिंह को निलंबित किया गया था। तीनों ने के साथ ही मामले में इंस्पेक्टर ने भी घोर लापरवाही बरती थी।

यह था मामला

रविवार रात बंथरा के कुछ घरों में लाइट नहीं आ रही थी उसे ठीक करवाने के लिए आसपास के लोग ट्रांसफॉर्मर के पास पहुंचे थे। ट्रांसफॉर्मर के पास ही कुछ घरों में लाइट आ रही थी इस पर उक्त घरों के लोगों ने बिजली ठीक करने का विरोध किया। इस दौरान मृतक ऋतिक पांडेय भी वहां मौजूद था और उसकी आरोपियों से मामूली बहस हुई थी। बहस के बाद सब सामान्य हो गया था और सभी लोग वहाँ से अपने घर लौट गए। मृतक के पिता इंद्रकुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि रात करीब 10 :30 बजे अवनीश पुत्र शबोहन सिंह, हिमांशू सिंह, प्रियांशू, प्रत्यूष पुत्र कन्हैया सिंह, शनि पुत्र विनोद सिंह अपने कई साथियों को लेकर लाठी-डंडों व असलहों के साथ घर में घुस गए। आरोपियों ने नौकर मैकू रावत, बेटे अभिषेक उर्फ़ रमन और ऋतिक को बुरी तरह से पीटा। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। अंदरूनी चोटें ज़्यादा गंभीर होने के कारण रात में अचानक ऋतिक की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर अस्पताल जा रहे थे की इसी बीच ऋतिक की मौत हो गई । सोमवार को साउथ जोन के अधिकारियों के निर्देश पर उक्त पांचों नामजद आरोपियों सहित 10 अज्ञात पर ह्त्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।

शिकायत लेने की जगह देखते रहे रील

परिजनों ने कहा कि ऋतिक और हमारा पूरा परिवार घर में था। इसी बीच उक्त आरोपी घर में घुस आए और जमकर मारपीट की। इस बात की शिकायत करने जब हम लोग थाने पहुंचे तो वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों ने शिकायत ही नहीं ली। वह हंसी मजाक करते हुए मोबाइल पर रील देखने में लगे रहे और सुबह आने की बात कहकर सबको वहाँ से भगा दिया। इधर रात में इलाज कराने के लिए ले जाते वक्त ही बेटे रोहित ने दम तोड़ दिया।

अस्पताल में हुआ प्रदर्शन तो जागे जिम्मेदार

जब युवक की मौत हो गई तो परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। सुबह बड़ी संख्या में जुटे परिजनों और स्थानीय लोगों ने लोकबंधु अस्पताल में शव रखकर धरना प्रदर्शन शुरू किया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब पुलिस को अस्पताल में प्रदर्शन की सूचना मिली तो अधिकारियों के हाथ-पाँव फूल गए। इसके बाद आनन-फानन में मौके पर पहुंचे साउथ जोन के अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन दिया और समझा-बुझाकर परिजनों को शांत कराया।

पहले की लापरवाही, अब कर रहे धरपकड़

अगर पुलिस घटना वाली रात ही इस मामले को गंभीरता से ले लेती तो शायद सभी आरोपी उसी रात गिरफ्त में आ जाते लेकिन पुलिस ने परिवार की शिकायत तक नहीं ली और इस मामले में जमकर लापरवाही बरती। वहीं, चोटें ज्यादा गंभीर होने के कारण रात में ही ऋतिक ने दम तोड़ दिया। ऋतिक की मौत की खबर जब आरोपियों को मिली तो वह सब बड़े आराम से गांव छोड़कर फरार हो गए। अब पुलिस आरोपियों की तलाश में उनकी रिश्तेदारी से लेकर अन्य जगहों की ख़ाक छान रही है। इधर, मंगलवार को परिजनों ने मृतक ऋतिक के शव का कानपुर स्थित गंगाघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, गाँव में तनाव होने के चलते बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी को भी तैनात किया गया है।

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