Uttarakhand Rains: Water level reached the Aarti Sthal; Bhagirathi in spate in Gangotri Dham, river flowing in front of shops
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार को जमकर बारिश हुई। इस दौरान अलकनंदा और भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ा रहा। देर शाम गंगोत्री घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के कारण गंगोत्री धाम में अचानक भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से अफरा तफरी मच गई। हालांकि समय रहते सभी श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। जल स्तर बढ़ने के कारण धाम के स्नान घाट जलमग्न हो गए हैं।
वहीं सुरक्षा को देखते हुए एसडीआरएफ और पुलिस टीम मौके पर तैनात है। पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष सतेन्द्र सेमवाल ने कहा कि जलस्तर बढ़ा था, लेकिन अब स्तिथि दोबारा सामान्य हो गई है। खतरे की अब कोई बात नहीं है
जानकी चट्टी में यमुना के उफान से खासा नुकसान
वहीं जानकी चट्टी में यमुना के उफान से खासा नुकसान हुआ है। उफान जब जानकी चट्टी पार्किंग में पहुंचा तो वहां मौजूद मजदूरों को अपने अस्थाई डेरों से बच्चों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। इस दौरान तीन खच्चर भी बहे। जबकि पार्किंग में खड़ी दो बाइक भी यमुना में बही।
शुक्रवार को यमुना थी उफान पर
इससे पहले गुरुवार को यमुना के उद्गम क्षेत्र कालिंदी पर्वत क्षेत्र में भारी वर्षा हुई है। वर्षा से यमुना नदी में उफान आया। जिसने तबाही का रूप लिया। यमुनोत्री धाम, राममंदिर पड़ाव और जानकी चट्टी में खासा नुकसान हुआ। जानकी चट्टी में तीन खच्चर भी बहे हैं।
श्रीनगर और देवप्रयाग में अलकनंदा नदी उफान पर
उपरी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण श्रीनगर और देवप्रयाग में अलकनंदा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से करीब एक से दो मीटर नीचे रहा। श्रीनगर में अलकेश्वर घाट और कीर्तिनगर में ढुंडप्रयाग स्नान घाट जलमग्न रहा। जबकि देवप्रयाग में अलकनंदा नदी के उफान पर रही। दोपहर को अलकनंदा नदी का जल स्तर 460.30 मीटर तक पहुंच गया। इसके चलते गंगा का जल स्तर बढ़ने से यहां संगम स्थल का निचला हिस्सा, रामकुंड घाट, फुलेडी घाट आदि पूरी तरह जलमग्न हो गया। वहीं भागीरथी नदी क्षेत्र में करीब दो किलोमीटर तक अलकनंदा का पानी भर गया।



