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दिल्ली में सियासत जारी, IAS कोचिंग सेंटर में 7 घंटे बाद तलाशी अभियान खत्म, तीन स्टूडेंट के शव बरामद , नेता लड़ रहे, लेकिन जिम्मेदार कौन?

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Politics continues in Delhi, search operation ends after 7 hours in IAS coaching center, bodies of three students recovered, leaders are fighting, but who is responsible?

नई दिल्ली। दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में स्थित कोचिंग सेंटर राव आईएएस स्टडी सर्किल के बेसमेंट में बारिश का पानी भरने से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन स्टूडेंट की मौत हो गई। एनडीआरएफ की टीम ने सात घंटे के बचाव प्रयासों के बाद कोचिंग सेंटर में अपना तलाशी अभियान समाप्त कर दिया।

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छात्रों ने कोचिंग सेंटर के बाहर विरोध प्रदर्शन

बेसमेंट में दो छात्राओं और एक छात्र की मौत को लेकर छात्रों ने कोचिंग सेंटर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। हादसे के वक्त करीब 30 से 35 छात्र-छात्राएं बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे थे।

तीन शव किए गए बरामद

पुलिस उपायुक्त (मध्य) एम हर्षवर्धन ने कहा, “एनडीआरएफ का तलाशी अभियान समाप्त हो गया है और तीन शव बरामद किए गए हैं। एनडीआरएफ का बचाव अभियान करीब सात घंटे तक चला।” डीसीपी ने कहा कि पुलिस घटना क्रम को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज देख रही है। एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग द्वारा बचाव अभियान के दौरान दो छात्राओं और एक छात्र के शव घटनास्थल से बरामद किए गए।

मरने वाले स्टूडेंट की हुई पहचान

पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर में मरने वाले दो अन्य स्टूडेंट की भी पहचान हो गई है, जिनके नाम श्रेया और नवीन है। तान्या की पहचान कल रात ही हो गई थी। नेविन डालविन यह केरल का रहने वाला था, तान्या सोनी यह तेलंगाना की रहने वाली थी और श्रेया यादव यह अंबेडकर नगर यूपी की रहने वाली थी। तीनों ओल्ड राजेंद्र नगर में ही बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल में रहते थे।
ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर की घटना पर डीसीपी सेंट्रल एम हर्षवर्धन ने बताया, ” सूचना पर बचाव अभियान शुरू किया गया, इसमें दिल्ली पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस के साथ NDRF भी शामिल थी। तलाशी और बचाव अभियान खत्म होने तक बेसमेंट से 3 शव बरामद किए गए। तीनों की पहचान हो गई है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।”

बेसमेंट में तेजी से भरा पानी

दिल्ली अग्निशमन विभाग (डीएफएस) के अनुसार, शनिवार शाम करीब सात बजे राव के आईएएस स्टडी सर्किल से जलभराव के बारे में एक कॉल आई थी और संभावना जताई गई थी कि कुछ लोग फंसे हुए हैं। पुलिस ने कहा कि ऐसा लगता होता है कि बेसमेंट में बहुत तेजी से पानी भर गया था, जिसके कारण कुछ स्टूडेंट अंदर फंस गए थे।

आतिशी ने दिए हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

राजस्व मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव नरेश कुमार को घटना की जांच शुरू करने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। आतिशी ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट किया, “यह घटना कैसे हुई, इसकी जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

भाजपा ने दिल्ली सरकार को ठहराया जिम्मेदार

दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा और नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने घटनास्थल का दौरा किया और घटना के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक ने नालों की सफाई के लिए स्थानीय लोगों की बार-बार की गई अपील को नजरअंदाज किया। सचदेवा कहा कि इस दुर्घटना के लिए दिल्ली सरकार की आपराधिक लापरवाही जिम्मेदार है। जल बोर्ड मंत्री आतिशी और स्थानीय विधायक दुर्गेश पाठक को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

मृतकों में दो छात्राएं, केरल का एक छात्र शामिल

जानकारी के मुताबिक, मृतकों के नाम श्रेया यादव (यूपी), तानिया सोनी (तेलंगाना) और नेविन डालविन (केरल) हैं। तीनों यूपीएससी प्री-एग्जाम पास करने के बाद मेन्स परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली आए थे। हादसे के बाद कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्रों ने सेंटर और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। देर रात तक स्टूडेंट्स ने सड़क पर प्रदर्शन और नारेबाजी की। हादसे को लेकर भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर आरोप मढ़ा है।

कोचिंग सेंटर ने बेसमेंट में बनाई थी लाइब्रेरी

स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया है कि कोचिंग सेंटर ने बेसमेंट में लाइब्रेरी बनाई थी, जिसमें यूपीएससी की तैयारी करने वाले स्टूडेंट स्टडी करते थे। यहां पहले भी बारिश में पानी भरता रहता है, लेकिन लाइब्रेरी को शिफ्ट नहीं किया गया। जिस वक्त बेसमेंट में पानी भरा लाइब्रेरी में 30 से 35 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे। इसमें एक ही गेट था, जो कि बायोमैट्रिक था और इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई बंद होने छात्र यहां 4 घंटे से ज्यादा वक्त तक फंसे रहे।

बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर बोला हमला

इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला किया और दावा किया कि स्थानीय विधायक ने नालों की सफाई के लिए स्थानीय लोगों की बार-बार की गई अपील को नजरअंदाज कर दिया. दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल, आतिशी और उनकी सरकार द्वारा कथित भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए. इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि दिल्ली नगर निगम ने नालों की सफाई क्यों नहीं की.”

हरीश खुराना ने आप को बताया घटना का जिम्मेदार

बीजेपी नेता हरीश खुराना ने कहा कि आज फिर दिल्ली शर्मसार हुई, हम सब दिल्ली वाले फिर शर्मसार हुए. ओल्ड राजेंद्र नगर में तीन छात्रों की जान चली गई. इसका एक कारण है अरविंद केजरीवाल की नाकामी और उनका भ्रष्टाचार. बच्चे और लोकल लोग कई दिन से कह रहे थे कि यहां के ड्रेनेज को साफ किया जाए, लेकिन वहां के विधायक और सरकार ने इसे अनसुना किया. नतीजा ये हुआ जो आईएएस बनने आई, उनकी जान चली गई. ये महज कोई घटना नहीं है बल्कि हत्या है.

इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उसके ऊपर केस होना चाहिए. मैं एलजी से ये मांग कर रहा हूं. हत्या का केस बनना चाहिए. इसके साथ ही बीजेपी नेता ने कहा कि आतिशी जी ये जो चिट्ठी-चिट्ठी का खेल करते हो, इससे काम नहीं चलना चाहिए. भ्रष्टाचार की वजह से दिल्ली साफ नहीं हुई. हर जगह घुटनों तक पानी भर रहा है. आप चिट्ठी लिखकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. वक्त आ गया है कि आपको अपनी नाकामी की वजह से इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि आप दिल्ली को संभाल नहीं पा रहे.

बांसुरी स्वराज ने आप सरकार को घेरा

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने आप सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार ने स्थानीय लोगों की बात नहीं सुनी. “ये बच्चे यहां अपना भविष्य बनाने आए थे, लेकिन अरविंद केजरीवाल और विधायक दुर्गेश पाठक की सरकार ने स्थानीय लोगों की एक भी नहीं सुनी. लोग पिछले एक सप्ताह से दुर्गेश पाठक से नालों की सफाई करवाने की मांग कर रहे थे. अरविंद केजरीवाल और दुर्गेश पाठक इन मौतों के लिए जिम्मेदार हैं. ” भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी केजरीवाल सरकार की आलोचना करते हुए इस घटना को आप द्वारा की गई “हत्या” बताया.

बीजेपी के आरोपों पर क्या बोले आप नेता

भाजपा के आरोपों पर आप विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि पार्टी के पार्षद 15 साल तक दिल्ली नगर निगम में सत्ता में रहे, लेकिन नालियों का निर्माण नहीं कराया. विधायक ने कहा, “यह राजनीति का समय नहीं है. अब छात्रों को बचाने पर ध्यान केंद्रित है. ”

स्वाति मालीवाल ने पूछा इन मौत का जिम्मेदार कौन

स्वाति मालीवाल ने एक्स पर लिखा कि राजधानी में तीन छात्रों की बेसमेंट डूबने से हुई मौत की ज़िम्मेदारी कौन लेगा ? बता रहे है स्टूडेंट दस दिन से बारे बार ड्रेन साफ़ करने की डिमांड कर रहे थे, पर कोई कार्यवाही नहीं की गई. Illegal बेसमेंट बिना भ्रष्टाचार के कैसे चल सकते हैं, एक्स्ट्रा फ्लोर कैसे डल जाते हैं, कैसे हो सकता है कि बिना पैसे खाये सड़क-नालियों के ऊपर क़ब्ज़े हो जाते हैं. स्पष्ट है कि कोई Safety rules को पालन करने की ज़रूरत नहीं, पैसा दो, काम हो जाता है. बस हर दिन AC रूम में बैठके “Important Press Conference” करते रहो. ग्राउंड पर कोई काम करने को तैयार नहीं है. कुछ दिन पहले पटेल नगर में करंट लगने से हुई मौत से भी कुछ नहीं सीखा?

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