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एससी / एसटी वर्ग के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कड़ी विरोध करते हुए एक दिवसीय भारत बंद कर जताए अपना विरोध

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People of SC/ST category protested strongly against the decision of the Supreme Court by organizing a one-day Bharat Bandh

मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट

Ro.No - 13672/156

मुंगेली – आज 21 अगस्त 2024 को आयोजित भारत बंद का मुंगेली शहर में व्यापक असर देखने को मिला, इस बंद का आयोजन माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण में वर्गीकरण एवं क्रीमीलेयर के संबंध में दिए गए निर्णय के विरोध में किया गया था। इस बंद का आह्वान समाज के विभिन्न जाति, अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के संगठनों ने मिलकर किया था। मुंगेली जिला में इस बंद को लेकर एकजुटता और जनाक्रोश का माहौल साफ देखा जा सकता था, जहां बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे।मुंगेली जिला के तीनों ब्लॉक में देखने को मिला लोरमी, पथरिया, मुंगेली में बंद का व्यापक असर देखने को मिला, सुबह से ही शहर की अधिकांश दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, शहर में बंद के दौरान शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में रही और किसी भी प्रकार की हिंसा की घटना नहीं हुई। पुलिस ने रैली के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके, इस भारत बंद को विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और अशासकीय विद्यालयों का भी समर्थन प्राप्त था। मुंगेली जिला के तीनों ब्लॉक में देखने को मिला लोरमी, पथरिया, मुंगेली,में भारत बंद का व्यापक असर रहा, इस बंद के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों ने अपनी आवाज बुलंद की और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। इस बंद ने यह स्पष्ट किया कि आरक्षण का मुद्दा देश के समाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में कितना संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। अब यह देखना होगा कि सरकार और न्यायपालिका इस बंद के संदेश को कैसे लेते हैं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संतुलन बनाने के लिए क्या कदम उठाते हैं। भारत बंद के इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दे पर देश का एक बड़ा वर्ग कितना जागरूक और संगठित है। इस बंद से जुड़े कई सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बने रहेंगे।

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