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निःशुल्क फिजियोथेरेपी शिविर का चौथा दिन: 146 मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार

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Fourth day of free physiotherapy camp: 146 patients treated successfully

रायगढ़। हीलिंग हैंड्स फिजियोथेरेपी क्लिनिक द्वारा आयोजित दस दिवसीय निःशुल्क फिजियोथेरेपी शिविर का चौथा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 1 सितंबर से शुरू हुए इस शिविर में अब तक 486 मरीजों ने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान प्राप्त किया है। यह शिविर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भवन, टीवी रोड में आयोजित किया जा रहा है, जहां मरीजों को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक नि:शुल्क सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। शिविर का समापन 10 सितंबर को होगा, और आयोजक ने सभी को इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया है।

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टेक्स्ट नेक सिंड्रोम समेत कई रोगों का उपचार

चौथे दिन 146 मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। शिविर में आने वाले मरीजों में टेक्स्ट नेक सिंड्रोम, गर्दन और पीठ दर्द, घुटनों का दर्द, पक्षाघात, सेरेब्रल पाल्सी, खेल से जुड़ी चोटें, चक्कर आना, सिरदर्द, स्लिप डिस्क, साइटिका और झुनझुनी जैसी समस्याओं से पीड़ित लोग शामिल थे।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. निर्मल मल्लिक के अनुसार, टेक्स्ट नेक सिंड्रोम एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, विशेषकर बच्चों में। ओपीडी में आने वाले 30% मरीज इस सिंड्रोम से ग्रस्त हैं। यह स्थिति लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप के उपयोग से उत्पन्न होती है, जिसमें सिर को बार-बार झुकाने से रीढ़ और गर्दन पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।

टेक्स्ट नेक सिंड्रोम: एक आधुनिक समस्या

टेक्स्ट नेक सिंड्रोम, जिसे टेक्स्ट नेक के नाम से भी जाना जाता है, उन लोगों में तेजी से फैल रहा है जो स्मार्टफोन और लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग करते हैं। जब व्यक्ति लंबे समय तक सिर झुकाकर स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करता है, तो रीढ़ पर सिर का वजन नाटकीय रूप से बढ़ जाता है। तटस्थ स्थिति में सिर का सामान्य वजन लगभग 5 किलोग्राम होता है, लेकिन 60° तक झुकाने पर यह वजन 27 किलोग्राम तक बढ़ जाता है, जिससे गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है। इस दबाव से गर्दन और कंधे में दर्द, सिरदर्द, और हाथों में झुनझुनी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

मोबाइल के अधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव

मोबाइल और अन्य गैजेट्स का अधिक समय तक उपयोग करना कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है:

आंखों में तनाव

स्क्रीन पर लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करने से आंखों में थकावट और दर्द हो सकता है।

स्वास्थ्य समस्याएं

गर्दन और पीठ में दर्द, सिरदर्द, और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।

नींद की समस्या

मोबाइल की ब्लू लाइट से नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे अनिद्रा की समस्या हो सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य

अत्यधिक मोबाइल उपयोग से तनाव, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

शिविर का उद्देश्य और उपचार

हीलिंग हैंड्स फिजियोथेरेपी क्लिनिक का उद्देश्य इन स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों को उचित चिकित्सा और परामर्श देना है। इस शिविर में थेरेपी के माध्यम से गर्दन, कंधे और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, मरीजों को सही शारीरिक मुद्रा बनाए रखने, और लंबे समय तक स्क्रीन के उपयोग से बचने के सुझाव दिए जा रहे हैं।

टेक्स्ट नेक से बचने के उपाय

ब्रेक लें: हर 25 मिनट काम करने के बाद 5 मिनट का ब्रेक लें।

सही मुद्रा अपनाएं: मोबाइल का उपयोग करते समय गर्दन और पीठ को सीधा रखें।

गर्दन के व्यायाम: गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए हल्के व्यायाम करें।

भारी उपकरणों से बचें:

लंबे समय तक भारी उपकरण को हाथ में न रखें।

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