People kept enjoying the songs till late night; Sufi performance by Padmashri Bharti Bandhu made the audience dance
39वें चक्रधर समारोह में सातवें दिन पद्मश्री भारती बंधु की सूफियाना गायन ने उपस्थित दर्शकों को देर रात तक दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर किया। कबीर के दोहे को अपने अंदाज में प्रस्तुत कर भारती बंधु और उनकी टीम ने खूब तालियां बटोरी। दर्शकों ने उनकी प्रस्तुति की खूब सराहना की। उन्होंने जरा धीरे-धीरे गाड़ी हाँको…मेरे राम गाड़ी वाले…, मो से नैना मिलाइके…,दमादम मस्त कलन्दर…जैसे गीतों से श्रोताओं को आनंदित किया।
आठ हजार से अधिक प्रस्तुतियां दे चुके हैं भारती बंधु
भारती बंधु को भक्ति संगीत विरासत में प्राप्त हुई है। उनके साथ मंच में तीन पीढी साथ में थी और सभी ने गायन,संगीत में साथ-साथ प्रस्तुति दी। भारती बंधु ने अभी तक 8000 हजार से अधिक कार्यक्रम देश-विदेश में किये हैं। भारती बंधु ने 30 विश्वविद्यालयों व 30 से अधिक जिलो में कार्यक्रम प्रस्तुतीकरण किया है। स्कूल से यूनिवर्सिटी स्तर तक 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को अपने कबीर / सूफी गायन से ओत-प्रोत करा चुके हैं।
अनेकों राष्ट्रीय – अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित हैं, 2013 में भारत सरकार ने भारती बंधु को विशिष्ट शैली में कबीर गायन के लिये पद्मश्री सम्मान से आपको सम्मानित किया है। उन्हें 2015 में विश्व के श्रेष्ठ संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की गई है। 2020 में राष्ट्रीय स्तर के शिखर सम्मान चकधर सम्मान से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सम्मानित किया गया है। अखिल भारतीय स्तर के शिखर सम्मान मध्य प्रदेश शासन द्वारा तुलसी सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।




