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किसान महापंचायत: अपने हक एवं अधिकारों की बुलंद आवाज

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Farmers’ Mahapanchayat: A loud voice for their rights and entitlements

कांकेर। आदिवासी कार्यकर्ता एवं भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संजय पंत ने प्रेस नोट जारी कर 3 अक्टूबर 2024 को बीजापुर जिला मुख्यालय में होने वाले किसान महापंचायत को अपने हक एवं अधिकारों की प्राप्ति के लिए एक मंच की संज्ञा देते हुए इस महापंचायत में समस्त क्षेत्रवासियों को अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।

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किसान नेता आगे कहते हैं कि कई दशकों से सुनियोजित षड्यंत्र एवं हिंसा की मार झेल रहे बस्तर क्षेत्र के आदिवासी किसान भाइयों के लिए अब परिवर्तन का युग आ चुका है। 3 अक्टूबर 2024 को बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले किसान महापंचायत में क्षेत्र के आदिवासी किसान भाइयों की सभी प्रकार की समस्याओं के जड़ों में चोट किया जाएगा। इस महापंचायत में भाग लेने के लिए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता माननीय राकेश टिकैत जी का आगमन भी बीजापुर में होगा। तीन काले कृषि कानूनों को समाप्त करने के लिए पूंजीवादी एवं शोषणकारी ताकतों के आगे पहाड़ की तरह टिके रहने वाले भारतीय किसान यूनियन का बस्तर में प्रमुख लक्ष्य आदिवासी किसान भाइयों के संवैधानिक अधिकारों के हनन का टिकाऊ एवं स्थाई उपचार एवं जल, जंगल एवं जमीन की लड़ाई में बहुजन समाज की जीत सुनिश्चित करना है। यह किसान महापंचायत कोई राजनीतिक मेला या वोट मांगने की साजिश नहीं बल्कि इस धरती के प्रथम निवासी आदिवासी किसान भाइयों को उनके हक एवं अधिकार दिलाने की एक पवित्र कोशिश है। इस महापंचायत में भाग लेने के लिए लुभावने झांसें तो नहीं दिए जाएंगे लेकिन बाबा साहब अंबेडकर के बनाए गए संवैधानिक प्रावधानों की रक्षा करने की गारंटी जरूर दी जाती है। बस्तर क्षेत्र का प्रत्येक मूलनिवासी एवं आदिवासी भाई स्वयं को किसान मान ले, पूंजीवादी एवं शोषणकारी ताकतों की हार तय है।

3 अक्टूबर 2024 को बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन क्षेत्र के समस्त भाइयों एवं बहनों का हार्दिक स्वागत करता है एवं अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील करता है। इस महापंचायत में भाग लेकर एक आम आदिवासी समस्त मूल निवासी किसान भाई अपने समाज के साथ हो रहे अन्याय एवं अत्याचार के विरुद्ध बिगुल फूंकेगा एवं बस्तर में परिवर्तन की एक नई गाथा लिखी जाएगी।

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