Phad Munshi Mahasangh demanded honorarium of Rs 25,000 per month, appealed to stop new appointments
कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज फड़ मुंशी कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री और वन मंत्री को संबोधित एक पत्र के माध्यम से अपनी प्रमुख मांगों को सामने रखा है। महासंघ ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित 25,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय की तत्काल अदायगी की मांग की है, जो अब तक राज्य में लागू नहीं की गई है। महासंघ का कहना है कि यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा द्वारा संकल्प पत्र के तहत की गई थी, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस पर अमल नहीं हुआ है, जिससे फड़ मुंशीगणों में असंतोष व्याप्त है। पत्र में महासंघ ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि इस मांग को लेकर संघ पहले भी कई बार प्रयास कर चुका है, लेकिन अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि फड़ मुंशीगणों की कठिन परिस्थितियों और उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह जरूरी है कि उन्हें इस मानदेय का लाभ शीघ्र मिले।
इसके साथ ही महासंघ ने राज्य में फड़ मुंशीगणों की नई नियुक्तियों पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की है। संघ का तर्क है कि मौजूदा मुंशीगणों के रोजगार और आर्थिक स्थिति पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। महासंघ ने आरोप लगाया कि नई नियुक्तियों से वर्तमान कर्मचारियों की संख्या में अनावश्यक वृद्धि होगी, जिससे उनके काम में अस्थिरता आएगी।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी मांगों को मजबूती से रखते हुए राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वे इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई करें और फड़ मुंशीगणों को उनका हक दिलाने के लिए कदम उठाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो महासंघ आंदोलन करने पर विवश होगा।
मांगें इस प्रकार हैं:
1. सभी फड़ मुंशीगणों को 25,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए।
2. नई फड़ मुंशीगणों की नियुक्ति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
फड़ मुंशी महासंघ का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर राज्य के विभिन्न विभागों से भी संपर्क करेंगे ताकि उनकी मांगों को राज्य सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके और जल्द समाधान निकाला जा सके।



