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विश्वविख्यात पूरी जगन्नाथ मंदिर के अनुरूप ही दिखता है, यह मंदिर अपनी सुंदर वास्तुकला और अद्वितीय डिज़ाइन के लिए पहचाना जाता है

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Looks similar to the world famous Puri Jagannath Temple, this temple is known for its beautiful architecture and unique design

एमसीबी/07 जनवरी 2025/ छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी विकासखंड में स्थित जगन्नाथ मंदिर एक अद्वितीय और आकर्षक आस्था का स्थल है। यह मंदिर एक छोटे से पठार के ऊपर बनाया गया है और दिखने में विश्वविख्यात पूरी जगन्नाथ मंदिर के समान प्रतीत होता है। अपनी सुंदर वास्तुकला और अद्वितीय डिज़ाइन के कारण यह मंदिर दर्शकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर एक आसानी से पहुँच योग्य स्थान है।

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मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जिसमें कई झरने, वन्यजीव अभ्यारण और मनोरंजन पार्क हैं। इस क्षेत्र का जगन्नाथ मंदिर अपनी अद्भुत आकृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1982 में महंत श्री गणपतपरिमाराय द्वारा शुरू किया गया था और 2006 में भगवान जगन्नाथ की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ इसका समर्पण हुआ।

यह मंदिर ओडिशा से आए उत्कल समाज के लोगों की भावना का प्रतीक है, जिन्होंने पूरी जगन्नाथ मंदिर के समान एक मंदिर बनाने का संकल्प लिया। जब बार-बार पूरी जाने में कठिनाई हुई, तब उन्होंने चिरमिरी में इस मंदिर का निर्माण कराया। यह मंदिर चिरमिरी ब्लॉक के पोंडी नामक ग्राम में स्थित है। पठारी क्षेत्र पर बने इस मंदिर तक पहुँचने के लिए 50 सीढ़ियों का चढ़ाव करना पड़ता है, जो इसे प्राकृतिक और शांत स्थल बनाता है।

मंदिर की बाहरी दीवारों पर देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएँ उकेरी गई हैं, जो इसकी धार्मिक और कलात्मक महत्ता को बढ़ाती हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पर भैरव बाबा और महावीर हनुमान जी की मूर्तियाँ स्थापित हैं, जो इसे धार्मिक दृष्टि से और भी पवित्र बनाती हैं। प्रवेश द्वार पर गरुड़ की मूर्ति स्थापित है, जो भगवान विष्णु के वाहन का प्रतीक है। गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की अद्भुत प्रतिमाएँ स्थापित हैं।

मंदिर में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि, रथयात्रा (गुण्डिचा यात्रा) और दोनों नवरात्रों में भव्य आयोजनों का आयोजन होता है। इन अवसरों पर विशेष पूजा-अर्चना, भंडारा और जसगीत का आयोजन किया जाता है। त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या यहाँ इकट्ठा होती है, जिससे मंदिर एक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरता है।
यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है। इसकी सुंदरता और अद्वितीयता छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दर्शाती है। चिरमिरी का जगन्नाथ मंदिर राज्य की समृद्धि, विविधता और धार्मिक आस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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