Cluster level educational and cultural festival organized in Chhura cluster
व्यायाम, खेलकूद, साहित्यिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुलजार हुआ मंच
छुरा :- युगपुरुष स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर संकुल स्तरीय शैक्षिक एवं सांस्कृतिक उत्सव का ऐतिहासिक आयोजन आदर्श पूर्व माध्यमिक शाला छुरा में किया गया। संकुल केंद्र छुरा ‘अ’ द्वारा सामुदायिक सहभागिता विकसित करने हेतु एकदिवसीय व्यायाम, खेलकूद, साहित्यिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया था। थाना प्रभारी दिलीप मिश्रा द्वारा उत्सव ध्वज उत्तोलन कर मार्च पास्ट की सलामी ली गई। थाना प्रभारी दिलीप मेश्राम, वरिष्ठ संवाददाता यशवंत यादव, साहित्यकार ललित साहू, भोला प्रसाद पांडे, उत्सव मार्शल वरिष्ठ शिक्षक मुरारी राम देवांगन, प्रधानपाठक निर्भय राम ठाकुर, चेतन दास कोसले द्वारा मां भारती, मां शारदे का पूजा अर्चना कर दीप प्रज्वलन किया गया। उत्सव मार्शल मुरारी राम देवांगन ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि सभी विद्यालय के बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत करने, सीखने सिखाने के कौशल बढ़ाने हेतु यह कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। बालक नरेंद्र के स्वामी विवेकानंद बनने तक सफर को विस्तार से बताया। स्वामी विवेकानंद के विचारों ने सनातन संस्कृति की शक्ति को विश्व पटल पर स्थापित किया। थाना प्रभारी दिलीप मेश्राम ने कहा कि जीवन चुनौतियों से भरा है, हर बाधा को पार करना है तो पढ़ना होगा। भविष्य गढना है तो पढ़ना होगा। यातायात नियम, सुरक्षा एवं सावधानी, नशा मुक्ति, बालिका शिक्षा अभिव्यक्ति एप, गुड टच बेड टच के बारे में भी जानकारी दिए। सभी को हेलमेट के नियमित उपयोग के लिए प्रेरित किया। उत्सव का सफल संयोजन शिक्षक अर्जुन धनंजय सिन्हा ने किया। आभार प्रदर्शन संकुल समन्वयक शंकर लाल यदु द्वारा किया गया। बच्चों द्वारा बैंड की थाप पर विसिल द्वारा एवं विविध गीतों पर शिक्षाप्रद संदेश के साथ व्यायाम की अनूठी प्रस्तुति दी गई। बच्चों ने डंबल द्वारा भी व्यायाम प्रदर्शन किया। फुगडी, रस्साकसी, कुर्सी दौड़ में रोमांचक मुकाबले देखने को मिला। संकुल के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालय के लगभग 800 छात्र-छात्राओं ने एक साथ प्रीति भोज का आनंद लिया। पश्चात सांस्कृतिक उत्सव में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, विविधता को गीत, नृत्य के द्वारा प्रस्तुत किया गया। करमा, सुआ, बस्तरिया गीत, सरगुजिहा संस्कृति, डंडा गीत, बसदेवा गीत की रंगझाझर प्रस्तुतियों से मंच गुलजार हुआ। हमारी विलुप्तप्राय संस्कृति को नंदा जही गीत के माध्यम से प्रदर्शित करने का सफल प्रयास आदर्श विद्यालय द्वारा किया गया। जिसमें ढेंकी, नांगर, चिकारा, तमूरा, जाता, वीणा, खुमरी, खडपड़ी, टेढ़ा, पाटी, घांघरा, धान के झूमर, झालर आदि को प्रदर्शित की गई। श्री कृष्ण जी के जन्म, कालिया नाग मान मर्दन, सोहई बांधने, खूड़हुड देव की पूजा, काछन, मडई, बैरक, कंदई से सुसज्जित राऊत नृत्य की झमाझम प्रस्तुति हुई। पंथी नृत्य द्वारा मनखे मनखे एक समान, नशापन से दूर रहने की सीख दी गई। विभिन्न कार्यक्रमों द्वारा नशामुक्ति, कन्या भ्रूण हत्या, बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, देशभक्ति का जज्बा जलाया गया। व्यायाम, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिए सभी बच्चों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त किए विद्यालय को मोमेंटो भेंट की गई। सभी शिक्षक, निर्णायक, विद्यालयीन स्टाफ को भी आयोजन समिति द्वारा सम्मानित किया गया। आदर्श विद्यालय के भूतपूर्व छात्र मध्यप्रदेश से सेवानिवृत इंजीनियर दिलीप गौर, उत्तम गौर ने उपस्थित होकर अपने विद्यालय के रजकण को माथे से लगाया और एक छात्र की भांति ही पूरे उत्सव के सहभागी बनें। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक बी.एल. तारक, सी.आर. सिन्हा, डी.पी.जांगड़े, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष संतराम साहू, कृष्ण कुमार पटेल, रामरतन साहू, गुलाब ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता पुनीत ठाकुर, समन्वयक यशवंत सिन्हा, नंद झरोखा कुर्रे, शीतल ध्रुव, सभी विद्यालय के शिक्षक, स्टाफ एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।



