The festival of Cherchera was celebrated with great pomp in Masturi, people including children were excited about the festival
मस्तूरी।छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय त्योहारों में से एक त्यौहार छेरछेरा पर्व है जिसे हर वर्ष पुष् पूर्णिमा के दिन बड़े हर्षो उल्लास के साथ मनाया जाता है इस त्यौहार की धूम अन्य त्योहारों से कुछ अलग होती है इस त्यौहार में बच्चे बड़े बूढ़े महिलाएं सभी अपने आसपास अपने गांव मोहल्ले में दूसरों के घर छेरछेरा छेरछेरा कहते हुए धान मांगने जाते हैं और सभी गांव मोहल्ले के लोग खुशी पूर्वक एक दूसरे को धान का दान करते हैं। आज इसी क्रम में मस्तूरी के कीर्तन मंडली के लोगों ने मांडर ढोलक मृदंग के साथ भगवान श्री राम कथा श्री कृष्ण जी का भजन गाते हुए सभी मोहल्ले के घरों में जाकर छेरछेरा पर्व पर अन्न का दान मांगे।
कीर्तन मंडली में प्रमुख रूप से शीतल प्रजापति नारायण प्रजापति प्रकाश अवस्थी हेमंत गुप्ता राजू मौर्य भगवान दास भोला प्रजापति, सत्यनारायण श्रीवास, प्रकाश तिवारी,गणेश निर्णेजक, राजेश राठौर सौरभ शुक्ला, छेदी श्रीवास तथा कीर्तन मंडली के अन्य सदस्य उपस्थित थे।



