Home Blog राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज कोटमीसुनार में कार्यक्रम संपन्न l

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज कोटमीसुनार में कार्यक्रम संपन्न l

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On the occasion of National Youth Day, a program was organized at Brahma Kumaris Kotmisunar.

अम्ब्रेला थीम -उठो, जागो और अपनी शक्ति को पहचानों

Ro.No - 13672/156

स्वामिविवेकानंद के जन्म जयंती पर ब्रह्माकुमारीज़ के युवा प्रभाग द्वारा कोटमोसुनार में युवाओं को आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए प्रेरित किया गया l

इम्पेक्ट 2.0आध्यात्मिक स्वास्थ्य 2025 विषय पर हुआ कार्यक्रम l

आध्यात्मिकता और युवाओं के बीच सकारात्मक संबंध की खोज जरूरी हैं -शशिप्रभा l

मानसिक फिटनेस के लिए आध्यात्म को करें जीवन में शामिल-शशिप्रभा

राजयोग का अभ्यास कर स्वर्णिम भारत बनाने में योगदान देने हेतु युवाओं ने किया संकल्प

स्वयं के आत्म सम्मान को बढ़ाने व स्वयं में परिवर्तन करने की आवश्यकता है-शशिप्रभा

एकाग्रता की शक्ति श्रेष्ठ लक्ष्य की प्राप्ति हेतु आवश्यक है

मस्तूरी।युवा जीवन का वह स्वर्णिम काल है जब हमारे अंदर ओज पूर्ण शक्ति पर होता है, शारीरिक व मानसिक बल भी पूर्ण होता है,ऐसे स्वर्णिम काल में अपनी चेतना को सतत एक ऊंचे लक्ष्य की ओर अग्रसर करने हेतु,बिना भटकाव के अपने ऊंचे मंजिल को प्राप्त करने हेतु आध्यात्मिक स्वास्थ्य का जीवन में होना अति आवश्यक हैl आध्यात्मिकता सकारात्मक आत्म- पहचान विकसित करने का मौका प्रदान करता है और अपने अंदर बदलाव लाने के लिए हम स्वयं की चेकिंग कर पाते हैं एवं महत्वपूर्ण चुनौतियां और बदलावों का सामना करने के लिए खुद को तैयार करना आसान हो जाता हैl आध्यात्मिकता और युवाओं के बीच सकारात्मक संबंध की खोज करना बहुत जरूरी है मैं कौन हूं, इस छोटी सी पहेली को स्वामी विवेकानंद ने सुलझाया और वह नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद जी बन गए और उन्होंने अध्यात्म का परचम सारे विश्व गगन में फहरायाl वर्तमान समय युवा वर्ग को भी इस पहेली को सुलझाने की आवश्यकता है, ब्रह्माकुमारीज के युवा प्रभाव द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के जन्म जयंती,राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर अंब्रेला थीम के अंतर्गत उठो जागो और अपनी शक्ति को पहचानो इंपैक्ट 2.0 आध्यात्मिक स्वास्थ्य 2025 विषय पर समूचे भारतवर्ष में युवाओं को प्रेरित कर जागृत करने हेतु प्रयास किया जा रहा हैl उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज प्रभु अनुराग भवन में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने संगठित हुए युवाओं को संबोधित करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा ने कही l आगे उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम शरीर के भोजन का ध्यान रखते हैं,एक्सरसाइज करते हैं, नींद करते हैं, उसीप्रकार मन को डिटॉक्स करने के लिए आत्मा के भोजन एवं मानसिक फिटनेस का अभ्यास आवश्यक हैl हमें स्वयं का शिक्षक स्वयं बनना चाहिए, अपने आत्म सम्मान को बढ़ाना चाहिए अतः हमेशा याद रखें कि हम आत्मा है जो इस संसार में शरीर रूपी वस्त्र धारण कर कार्य कर रहे हैं हम सभी एक चैतन्य शक्ति प्रकाश पुंज हैं,परमात्मा की संतान हैl अतः मानसिक फिटनेस के लिए आध्यात्मिकता को अपने जीवन में शामिल करने की आवश्यकता है राजयोग ध्यान के अभ्यास से एकाग्रता की शक्ति को प्राप्त कर अपने श्रेष्ठ ऊंचे लक्ष्य को प्राप्त करना आसान हैं l

कार्यक्रम के दौरान सभी युवाओं ने मोमबत्ती जलाकर राज्योग का अभ्यास कर स्वर्णिम भारत बनाने में योगदान देने हेतु संकल्प लियाl ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा ने देखना जो चाहते हो उनकी उड़ान को करना पड़ेगा ऊंचा और आसमान को गीत पर आध्यात्मिक स्वास्थ्य हेतु अभ्यास करायाl कुमारी सुरेखा एवं कुमारी रेखा के द्वारा उठो जगत के वास्ते बुला रहे हैं रास्ते व उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती गीत पर नित्य कर युवाओं को प्रेरित किया गयाl उपस्थित सभी युवाओं का सम्मान तिलक लगाकर एवं बैच पहनाकर किया गया सभी को वरदान कार्ड और प्रसाद दिया गया lराजयोग का अभ्यास सिखाने हेतु 13 जनवरी से 15 जनवरी प्रातः 7:00 से 8:00 एवं संध्या 6 से 7 बजे किसी भी एक सत्र में निशुल्क भाग ले सकते हैं l शिविर का आयोजन ब्रह्माकुमारीज प्रभु अनुराग भवन भाटापारा कोटमीसुनार में किया गया।

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