Man is a fallen god- Parmanand Maharaj.
तीन दिवसीय राष्ट्र जागरण गायत्री महायज्ञ में ऋषि पुत्र परमानंद महाराज ने 19 वें पुराण प्रज्ञा पुराण के प्रकटीकरण के कारणों को स्पष्ट किया।जब संसार में बड़े बदलाव का समय होता है तभी पुराण रचे जाते हैं।प्रज्ञा पुराण चार खंडों में लिखे गये हैं।इस पुराण में वर्तमान समय की समस्याओं एवं उसके समाधान को छोटी छोटी कहानियों के माध्यम से सरल ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
प्रथम दिवस नौ कुंडीय यज्ञ में 30 से अधिक बच्चों एवं युवाओं ने गायत्री मंत्र की दीक्षा ली।8मुंडन संस्कार,2यज्ञोपवीत ,विद्यारंभ,अन्न प्राशन आदि संस्कार कराए गये।छत्तीसगढ़ राज्य स्तर के कार्यकर्ताओं श्री सुखदेव भारद्वाज,आदर्श वर्मा दीदी ने आकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। जिला समन्वयक श्री टीकम साहू,जिला संगठन प्रभारी श्री रोमन चंद्राकर का सतत् मार्ग दर्शन प्राप्त मिलता रहा।कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान करने में पूरे विकासखंड के कार्यकर्ताओं चंदन सिंह ठाकुर,ठाकुर राम यादव,ओम प्रकाश यादव,रामावतार यादव,देवा राम साहू,तुलसी राम साहू,मालिक राम साहू, फिरन सिंह ठाकुर नरसिंह सोम,नंदकिशोर यादव,दि रुप साहू नंद कुमार सिन्हा,राम लाल पटेल प्रभु सिन्हा,तिहारू साहू,परमेश्वर पटेल,पुखराज ठाकुर ,शेष नारायणदेवांगन,उमेश ठाकुर बलदेव उमेंद दीवान सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने दिन रात एक कर दिया।गायत्री महिला मंडल के बहनों मीना यादव,दीपाली सारस्वत,संध्या यदु,सरस्वती सिन्हा,खिलेश्वरी सोम,रामेश्वरी साहू,घासीन साहू,त्रिवेणी साहू,मीना मेहता,नंदनी साहू,नीतू साहू खुशबू राजपूत,मेनका साहू खिलेश्वरी साहू,कृष्णा साहू आदि ने यज्ञशाला की संपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन किया।भोजनालय का संचालन रोहित निर्मल कर,दिलीप यदु ,कामता प्रसाद,धनी राम यादव, सालिक राम,महेन्द्र,घेवर चंद निषाद आदि ने सफलता पूर्वक किया।
कार्यक्रम की सफलता में माता शीतला मंदिर के पुजारी एवं मंदिर संचालन समिति का बड़ा योगदान रहा जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम हो पाया।इस प्रकार नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ अपार जन सहयोग एवं शीतला माता की असीम कृपा से संपन्न हुआ।



